हेगल ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया

चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से निपटने में ओबामा प्रशासन के संघर्ष तथा सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत गवांने के बाद सोमवार को यहां एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

हेगल ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया

वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मतभेदों की खबरों के बीच सोमवार को रक्षा मंत्री चक हेगल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ओबामा ने व्हाइट हाउस में इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में खुद एलान किया। इस एलान के कुछ घंटे पहले ही हेगल ने अपना इस्तीफा सौंपा था।

राष्ट्रपति की ओर से नए रक्षा मंत्री के नाम का ऐलान और इस पर सीनेट की मुहर लगने तक हेगल से इस पद पर बने रहने के लिए कहा कहा गया है। ओबामा ने संवाददाताओं से कहा, पिछले करीब दो साल से एक मजबूत सहयोग प्रदान करते हुए चक एक बेहतरीन रक्षा मंत्री रहे हैं। उनके समय में हमने दीर्घकालीन खतरों का मुकाबला करने के लिए अपनी रणनीति और बजट को अधुनिक रूप दिया और अब भी आईएस एवं इबोला जैसी चुनौतियों का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा, पिछले महीने चक मेरे पास राष्ट्रपति कार्यकाल के आखिरी के वर्षों के बारे में चर्चा के लिए आए थे और उन्होंने यह प्रतिबद्धता दिखाई कि इस बदलाव के जरिए विभाग को निर्देशित करते हुए अब समय आ गया है कि वह सेवा को खत्म करें। इससे पहले ओबामा प्रशासन में रॉबर्ट गेट्स एवं लियोन पेनेटा रक्षा मंत्री रह चुके हैं।

ओबामा ने कहा कि हेगल ने रक्षा क्षेत्र में उनके प्रशासन की उपलब्धियों में प्रमुख भूमिका निभाई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, आज, वर्दी में हमारे पुरुष और महिलाएं इराक एवं सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ रहे हैं तथा चक ने यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ बनाने में मदद की कि दुनिया इस खतरे का मिलकर मुकाबला कर रही है।

हेगल ने कहा कि पेंटागन में नए नेतृत्व होने का यह सही समय है। उन्होंने कहा, जैसा कि राष्ट्रपति ने बताया है, मैंने आज रक्षा मंत्री के तौर पर अपना इस्तीफा सौंप दिया। रक्षा विभाग के पुरुषों और महिलाओं के साथ सेवा करने और उनके परिवारों का सहयोग करने तथा उनका नेतृत्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। इस दौरान हमने जो भी उपलब्धियां हासिल कीं, उसको लेकर मुझे बहुत गर्व है। हेगल के इस्तीफा देने की तैयारी के बारे में खबर सबसे पहले ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने दी। अखबार के मुताबिक ओबामा आईएस के पैर पसारने सहित कई वैश्विक संकटों के मद्देनजर उनसे संतुष्ट नहीं थे।

पूर्व रिपब्लिकन सीनेटर और वियतनाम युद्ध में शामिल हुए हेगल ने इराक युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई थी। वह पेंटागन में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी तथा पेंटागन बजट के सीमित होने के मामले को संभालने के मकसद से पहुंचे थे।

हेगल इस सप्ताह अपने भारतीय समकक्ष मनोहर पर्रिकर से बातचीत करने की योजना बना रहे थे। हाल ही में पर्रिकर के रक्षा मंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद से दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत के लिए उपयुक्त समय नहीं मिल पा रहा था क्योंकि दोनों के व्यस्त कार्यक्रम थे। मोदी सरकार के पहले 100 दिनों के भीतर भारत का दौरा करने वाले ओबामा प्रशासन के कैबिनेट स्तर के तीन अधिकारियों में हेगल भी शामिल थे। रिपब्लिकन रॉबर्ट गेट्स के बाद साल 2013 में हेगल ने रक्षा मंत्री का पदभार संभाला था।