ढाका: 2016 आतंकी हमले में 7 दोषियों को फांसी की सजा, 20 लोगों की हुई थी मौत

इस मामले में हिरासत में लिए गए 8 अभियुक्तों पर पिछले साल आरोप लगाए गए थे और उनके खिलाफ भी आरोप तय किए गए थे.

ढाका: 2016 आतंकी हमले में 7 दोषियों को फांसी की सजा, 20 लोगों की हुई थी मौत
1 जुलाई 2016 को ढाका के डिप्लोमेटिक जोन में करीब 9 बंदूकधारियों ने एक रेस्तरां पर धावा बोलकर 60 लोगों को बंधक बना लिया था. (फाइल फोटो)

ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में जुलाई 2016 में हुए आतंकी हमला मामले में एंटी टेररिजम ट्रिब्यूनल आज 7 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई. इस मामले में कोर्ट ने 1 आरोपी को बरी कर दिया.एंटी टेररिजम ट्रिब्यूनल के जज मोहम्मद मुजिबुर रहमान ने 7 दोषियों पर फांसी के अलावा 50-50 हजार टका (बांग्लादेशी मुद्रा) जुर्माना भी लगाया है.

ढाका के होली आर्टिसन कैफे में 1 जुलाई को आतंकी हमला हुआ था इस हमले में 20 लोगों की मौत हुई थी. जिनमें 9 इटैलियन, 7 जापानी, एक भारतीय, दो बांग्लादेशी और एक बांग्लादेशी मूल के अमेरिकी नागरिक शामिल था. इस मामले में हिरासत में लिए गए 8 अभियुक्तों पर पिछले साल आरोप लगाए गए थे और उनके खिलाफ भी आरोप तय किए गए थे.

मौत की सजा पाने वाले 7 अभियुक्तों में जहांगीर आलम उर्फ रजीब गांधी कैफे में हमलावरों का भर्तीकर्ता था. इस हमले की योजना बनाने वालों में असलम हुसैन उर्फ राश का नाम आया है. वहीं ग्रेनेड पहुंचने वालों में अब्दुस सबूर खान उर्फ सोहेल महफूज का नाम है.

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फांसी की सजा पाए दो दोषी हदीसुर रहमान सगोर और रकीबुल हसन रेगन ने धार्मिक उपदेशक माने जाते हैं. वहीं दो के नाम शरीफ इस्लाम खालिद और मामूनुर रशीद रिपन है.

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इस मामले में जिस एक अभियुक्त को बरी किया गया है उसका नाम मिजानुर रहमान उर्फ बोरो मिजान है उसपर हथियार सप्लायर होने का आरोप था. लेकिन आरोप साबित नहीं हो पाने के चलते इसे बरी कर दिया गया.