चीन को सौंपे जाने की 22वीं वर्षगांठ पर हांगकांग में झड़प, 13 पुलिस अधिकारी घायल

चीन समर्थक समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों ने रविवार को क्षेत्र की पुलिस के समर्थन में रैली की. साल 1997 में इस दिन हांगकांग को चीन को सौंपे जाने ने ब्रिटिश शासन के अंत को चिह्न्ति किया. 

चीन को सौंपे जाने की 22वीं वर्षगांठ पर हांगकांग में झड़प, 13 पुलिस अधिकारी घायल
.(फाइल फोटो)

हांकांग: हांगकांग में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच ब्रिटिश शासन से चीनी शासन को सौंपे जाने की 22वीं वर्षगांठ पर सोमवार को झड़पें हुईं. समाचारपत्र साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट के अनुसार, लुंग वो रोड, टिम मेई एवेन्यू और हारकोर्ट रोड पर हिंसक झड़पों के दौरान एक अज्ञात तरल पदार्थ फेंके जाने के बाद तेरह पुलिस अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.  माना जा रहा है कि यह तरल पदार्थ ड्रेन क्लीनर था. सरकार ने वान चाई में 'हांगकांग कन्वेंशन एंड एक्जिबिशन सेंटर' में मुख्य जश्न मनाया, जहां से उपस्थित गणमान्य लोगों ने गोल्डन बाउहिनिया स्क्वायर में ध्वजारोहण समारोह का सीधा प्रसारण देखा.

शहर की नेता, मुख्य कार्यकारी कैरी लैम, ने राष्ट्रीय संदर्भ में हांगकांग के विकास के बजाय, अब निलंबित किए गए प्रत्यर्पण बिल के दुरुपयोग के बारे में बात कर परंपरा को तोड़ दिया. लैम ने छह मिनट का भाषण दिया, जिसमें उन्होंने काफी हद तक उन सबक पर ध्यान दिया जिसे वह उस राजनीतिक संकट से सीखेंगी जिसने बिल के परिणामस्वरूप उनके प्रशासन को प्रभावित किया है.

विवादास्पद कानून पर 18 जून को माफी मांगने के बाद सार्वजनिक रूप से लैम की यह पहली उपस्थिति है.  इस कानून ने शहर को उन क्षेत्रों में भगोड़े भेजने की अनुमति दी, जिनके साथ प्रत्यपर्ण समझौता नहीं था, जिसमें चीन भी शामिल है.

हालांकि लैम ने इसे 15 जून को निलंबित कर दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी जोर देकर कह रहे हैं कि वह इसे पूरी तरह से वापस लें. उन्होंने कहा, "मैं सबक सीखूंगी और यह सुनिश्चित करूंगी कि भविष्य में सरकार का काम समुदाय की आकांक्षाओं, भावनाओं और विचारों के करीब और अधिक संवेदनशील होगा. "

चीन समर्थक समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों ने रविवार को क्षेत्र की पुलिस के समर्थन में रैली की. साल 1997 में इस दिन हांगकांग को चीन को सौंपे जाने ने ब्रिटिश शासन के अंत को चिह्न्ति किया. 

 

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.