जानें, महिलाओं की सेक्स लाइफ को कैसे प्रभावित कर रहा है COVID-19

कोरोना महामारी (Coronavirus)ने लोगों के जीवन कई मायनों में प्रभावित किया है. यहां तक कि इस दौरान सेक्स को लेकर महिलाओं के व्यवहार में भी बदलाव आया है.

जानें, महिलाओं की सेक्स लाइफ को कैसे प्रभावित कर रहा है COVID-19
स्टडी में शामिल महिलाओं में से 32.7 प्रतिशत महामारी से पहले गर्भवती होना चाहती थीं, लेकिन अब तक प्रतिशत घटकर 5.1% रह गया है.

इस्तांबुल: कोरोना महामारी (Coronavirus)ने लोगों के जीवन कई मायनों में प्रभावित किया है. यहां तक कि इस दौरान सेक्स को लेकर महिलाओं के व्यवहार में भी बदलाव आया है. एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि COVID-19 के दौर में महिलाओं की यौन इच्छा में वृद्धि हुई है, लेकिन यौन जीवन की गुणवत्ता में कमी आई है.

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ गायनोकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स (International Journal of Gynecology & Obstetrics) में प्रकाशित अध्ययन को एसेलर मैटरनिटी एंड चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल (Esenler Maternity and Children’s Hospital) की टीम ने अंजाम दिया है. टीम ने तुर्की की महिलाओं के यौन व्यवहार पर COVID-19 महामारी के प्रभाव का आकलन किया. अध्ययन में शामिल 58 ने बताया कि उन्होंने महामारी के दौरान प्रति सप्ताह औसतन 2.4 बार संभोग (SEX) किया, जबकि महामारी से पहले 6-12 महीनों में यह 1.9 बार था. इसी तरह स्टडी में यह भी सामने आया कि कोरोना संकट को देखते हुए अधिकतर महिलाएं गर्भवती नहीं होना चाहतीं.  

स्टडी में शामिल महिलाओं में से 32.7 प्रतिशत महामारी से पहले गर्भवती होना चाहती थीं, लेकिन अब तक प्रतिशत घटकर 5.1% रह गया है. हालांकि, चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बावजूद महामारी के दौरान गर्भनिरोधक का उपयोग कम हुआ है. अध्ययन में यह भी पता चला है कि पहले की तुलना में कोरोना संकट के दौरान मासिक धर्म संबंधी बीमारियों (menstrual disorders) से महिलाओं को ज्यादा जूझना पड़ा. महामारी से पहले इसका प्रतिशत 12.1, जो बढ़कर 27.6% पहुंच गया.

स्टडी टीम के अनुसार, प्रतिभागी महिलाओं का यौन क्रिया आधारित प्रश्नावली का मौजूदा स्कोर महामारी से पूर्व के स्कोर की तुलना में बदतर है. इससे पता चलता है कि कोरोना ने उनकी सेक्स लाइफ को काफी प्रभावित किया है. प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि ‘यौन इच्छा और संभोग की आवृत्ति COVID-19 महामारी के दौरान काफी बढ़ गई है, जबकि यौन जीवन की गुणवत्ता में काफी कमी आई है’. 

(इनपुट: IANS)