मार्लिन मुनरो की कब्र के बाजू में दफन होने के लिए ह्यू हेफनर ने खर्च किए थे 50 लाख रुपए

अब ह्यू हेफनर को मुनरो की कब्र के बगल में दफनाया जाएगा.

मार्लिन मुनरो की कब्र के बाजू में दफन होने के लिए ह्यू हेफनर ने खर्च किए थे 50 लाख रुपए
प्लेबॉय के पहले कवर पेज पर हेफनर ने मुनरो का फोटो छापा था. फाेटो साभार : LADbible ट्विटर अकाउंट

न्यूयॉर्क : वयस्कों की पत्रिका प्लेबॉय के संस्थापक ह्यू हेफनर नहीं रहे. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि हेफनर ने 1953 में जब इस मैगजीन की शुरुआत की उस समय अमेरिका के समाज को बेहद रुढ़िवादी माना जाता था. यहां तक कि टीवी कार्यक्रमों में गर्भनिरोधक जैसे शब्दों तक का इस्तेमाल भी प्रतिबंधित था. उन्होंने मैगजीन की पहली प्रति अपने घर के किचन से निकाली. उस वक्त उनके हाथ में सिर्फ 600 डॉलर थे. उन्होंने पहले अंक के कवर पेज पर अभिनेत्री मर्लिन मुनरो को छापा था. अब मुनरो की कब्र के बगल में उन्हें दफनाया जाएगा.

हेफनर ने अपनी कब्र के लिए अभिनेत्री मर्लिन मुनरो की कब्र के ठीक बगल वाली जगह खरीदी थी.  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मौत से पहले ही अपनी कब्र के लिए पहले ही जमीन खरीद ली थी. ये जगह मार्लिन मुनरो की कब्र के ठीक बगल में थी. इसके लिए उन्होंने 1992 में करीब 49 लाख रुपए खर्च किए थे. इसी जगह उन्हें अब दफनाया जाएगा. खास बात ये है कि प्लेबॉय के पहले अंक में उन्होंने मर्लिन मुनरो की फोटो की छापी थी.

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मैगजीन शुरू करने के लिए मां और निवेशकों से 5 लाख रुपए का कर्ज लिया था. अब प्लेबॉय 285 करोड़ रुपए की कंपनी है. हेफनर ने प्रयोग करते हुए प्लेबॉय को एक वयस्क मैगजीन की छवि से अलग रखने की कोशिश करते हुए इसमें प्रबुद्ध लेखकों, राजनीतिक बहस और तीखे कार्टूनों को भी जगह दी. पहले अंक की ही 50 हजार प्रतियां बिकीं थीं. 1960 के दशक में अमेरिका में 22 प्लेबॉय क्लब बन गए थे, जबकि ऐसे कई क्लब विदेशों में भी थे. 1970 के दशक में मैगजीन ने रिकॉर्ड 70 लाख कॉपी बेची. हालांकि मार्टिन लूथर किंग और जिमी कार्टर जैसे नामी लोगों के इंटरव्यू के बावजूद प्लेबॉय से डर्टी मैगजीन का ठप्पा कभी नहीं हटा.

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जैसे-जैसे उसकी बिक्री बढ़ी, धार्मिक गुटों और फेमिनिस्ट गुटों के तेवर भी तीखे हुए. अमेरिका के एक बड़े वर्ग का कहना रहा कि प्लेबॉय ने सेक्स से जुड़े कई मिथकों को तोड़ा. हालांकि भारत समेत कई देशों में प्लेबॉय की ब्रिकी पर बैन लगा रहा. 2000 के बाद धीरे-धीरे मैगजीन का सर्कुलेशन कम होता गया. 2016 में इसका सर्कुलेशन 6.7 लाख ही रहा.

सेना में सेवा देने के बाद हेफनर ने कॉलेज ज्वाइन किया.  पब्लिशिंग इंडस्ट्री में काम करने के दौरान उन्हें प्लेबॉय का आइडिया आया था. रेड स्मोकिंग जैकेट और मुंह में पाइप हेफनर की पहचान थी. हेफनर ने तीन शादियां की. तीसरी शादी उन्होंने 86 साल की उम्र में 26 साल की हैरिस से की थी. हेफनर के घर की मौजूदा कीमत 1346 करोड़ रुपए है. इसे उन्होंने 1971 में 10 लाख रुपए में खरीदा था. इसे प्लेबॉय मेंशन कहा जाता है. 20 हजार वर्ग फीट के इस घर में 29 कमरे हैं.