परमाणु हथियारों के प्रबंधन में भारत की भूमिका अहम : अमेरिका

परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है कि परमाणु हथियारों एवं सामग्री के जिम्मेदार प्रबंधन में भारत को बेहद अहम भूमिका निभानी है। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 50 से ज्यादा देशों के नेता शामिल होने वाले हैं।

परमाणु हथियारों के प्रबंधन में भारत की भूमिका अहम : अमेरिका

वॉशिंगटन : परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है कि परमाणु हथियारों एवं सामग्री के जिम्मेदार प्रबंधन में भारत को बेहद अहम भूमिका निभानी है। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 50 से ज्यादा देशों के नेता शामिल होने वाले हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात में केरी ने कहा, ‘नेतृत्वकर्ता के रूप में, जिम्मेदारी उठाने वाले देश के तौर पर भारत का एक लंबा रिकॉर्ड रहा है और अब ऐसे समय पर यह खासतौर पर महत्वपूर्ण है जब हम क्षेत्र में कुछ ऐसे विकल्पों का चयन होते देखते हैं जिससे संभावित हथियारों का निर्माण तेज हो सकता है। इनके बारे में हमारे कई गंभीर सवाल हैं।’ 

केरी ने कहा, ‘परमाणु हथियारों और परमाणु सामग्री के प्रबंधन के मामले में भारत को बेहद अहम भूमिका निभानी है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इन मुद्दों को क्षेत्र के विभिन्न साझेदारों के समक्ष उठाया है। केरी ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन हमारी वैश्विक जिम्मेदारियों तथा विकल्पों के बारे में हर किसी की समझ बना पाने में मददगार होगा।’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ओबामा ने भारत के साथ संबंधों को इस सदी का निर्धारक संबंध करार दिया है और इसके बहुत से कारण हैं।

उन्होंने कहा, ‘भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर अमेरिका का वास्तविक साझेदार है। पेरिस में जलवायु परिवर्तन समझौते पर पहुंचने में हमारी मदद के लिए हम भारत के खास तौर पर आभारी हैं। और अब उस समझौते में अगले कदमों के संबंध में अधिक काम कर सकते हैं।’