संयुक्त राष्ट्र में बदलावों पर अड़ंगा लगाने वाले चीन को भारत ने फटकारा, कही ये बात

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में चीन को जमकर फटकार लगाई है. और कहा है कि चीन हर बात में अडंगा लगाने की अपनी आदतों से बाज आए. दरअसल, भारत इंटरगवर्नमेंटल निगोसिएशन (Intergovernmental Negotiations) ग्रुप की भूमिका को कम करने के चीन के प्रयास से नाराज है.

संयुक्त राष्ट्र में बदलावों पर अड़ंगा लगाने वाले चीन को भारत ने फटकारा, कही ये बात
फाइल फोटो

नई दिल्ली: भारत ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में चीन को जमकर फटकार लगाई है. और कहा है कि चीन हर बात में अडंगा लगाने की अपनी आदतों से बाज आए. दरअसल, भारत इंटरगवर्नमेंटल निगोसिएशन (Intergovernmental Negotiations) ग्रुप की भूमिका को कम करने के चीन के प्रयास से नाराज है. चीन किसी भी तरह के सकारात्मक बदलाव पर वीटो कर देता है. इससे भारत नाराज हो गया.

क्या है आईजीएन?
इंटरगवर्नमेंटल निगोसिएशन (आईजीएन) ग्रुप संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों का समूह है. इस समूह की नींव एक दशक पहले रखी गई थी. जो संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) में किसी प्रस्ताव, बदलाव को लेकर सुझाव देता है. ताकि संयुक्त राष्ट्र प्रभावी तरीके से दुनिया के सभी देशों की समस्याओं को समझे और उन्हें सुलझाए. हालांकि ये सलाह अनौपचारिक होती है और रिकॉर्ड में कोई बात रखी नहीं जाती. फिर भी ये समूह काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र में किसी भी मुद्दे पर समर्थन हासिल करने या विरोध करने की ये जमीन तैयार करता है. लेकिन चीन इस ग्रुप के सुझावों को एक लाइन में खारिज कर दे रहा है.

घड़ियाली आंसू बहाते हैं कुछ देश:भारत
संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति (India's envoy to UN T S Tirumurti) ने चीन का नाम लिए बगैर कहा, 'गरीब देशों की सहायता न कर पाने के लिए घड़ियाली आंसू रोने वाले कुछ बड़े देश अपनी हकीकत उजागर कर चुके हैं. ये मदद करने की वजह छोटे और मध्यम देशों की आवाज तक नहीं सुन रहे हैं. ऐसे में बदलाव तो बहुत दूर की बात है. इस समूह की बातों को अनसुना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आईजीएन की बातें मानो किसी विश्वविद्यालय में हो रही बहस सरीखी हो गई है, जिसका जमीनी हकीकत से कोई लेना देना नहीं होता. जबकि ये संयुक्त राष्ट्र के भीतर का समूह है, जो गंभीर चर्चाओं के बाद कोई बात आगे बढ़ाता है, लेकिन उसे सुना बिना ही एक लाइन में खारिज कर दिया जाता है. ' उनका निशाना सीधे तौर पर चीन की तरफ था.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के विस्तार के खिलाफ है चीन
आईजीएन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में विस्तार के पक्ष में है. सुरक्षा परिषद में पांच स्थाई सदस्य हैं, जिसमें से चार रूस, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन भारत को स्थाई सदस्य के तौर पर शामिल करने के लिए सहमत हैं, लेकिन चीन अकेले इसका विरोध करते हुए वीटो कर देता है. वहीं, अफ्रीकन देशों का समूह भी यूएनएससी (UNSC) में विस्तार चाहता है, जिसका भारत भी समर्थन करता है. लेकिन चीन की वजह से यूएनएससी के स्थाई और अस्थायी सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की जा सकी है.

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