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मेलबर्न में भारतीय आर्किटेक्ट का बनाया ऑर्गेनिक पवेलियन खुला

ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न के क्वीन विक्टोरिया गार्डन में भारतीय वास्तुविद द्वारा बांस सहित भारत के अन्य ऑर्गेनिक सामानों से बना पवेलियन औपचारिक रूप से खोल दिया गया है। इसे ऑस्ट्रेलिया में हाथ से बना सबसे बड़ा बांस का ढ़ांचा माना जा रहा है। स्टूडियो मुंबई के बिजोय जैन द्वारा डिजाइन किया गया यह तीसरा ‘समर पवेलियन’ कल से खुला।

मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न के क्वीन विक्टोरिया गार्डन में भारतीय वास्तुविद द्वारा बांस सहित भारत के अन्य ऑर्गेनिक सामानों से बना पवेलियन औपचारिक रूप से खोल दिया गया है। इसे ऑस्ट्रेलिया में हाथ से बना सबसे बड़ा बांस का ढ़ांचा माना जा रहा है। स्टूडियो मुंबई के बिजोय जैन द्वारा डिजाइन किया गया यह तीसरा ‘समर पवेलियन’ कल से खुला।

इस एम-पवेलियन 2016 को ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहरों में चल रहे इंडिया फेस्ट ‘कॉन्फ्लूएंस : फेस्टिवल ऑफ इंडिया’ के हिस्से के रूप में शामिल किया गया है। इस कलाकृति का आपैचारिक उद्घाटन एमपवेलियन के संस्थापक नाओमी मिलग्रोम एओ, मेलबर्न के लॉर्ड मेयर रॉबर्ट डोयल और भारतीय उच्चायुक्त नवदीप सूरी ने किया।

इस अवसर पर सूरी ने एमपवेलियन 2016 और फिलहाल चल रहे भारतीय उत्सव के बीच साझेदारी का स्वागत किया और जैन का चुनाव करने के लिए नाओमी मिलग्रोम फाउंडेशन की प्रशंसा की। सूरी ने कहा कि यह ढ़ांचा बिलकुल अलग है और इसका सरल, सौम्य तथा मितव्ययी डिजाइन वास्तव में गांधीवादी विचारों को दर्शाता है। इस पवेलियन को बनाने के लिए बांस, रस्सी और यहां तक कि उसकी छत भी भारत में शिल्पकारों ने बुनी है और उसे ऑस्ट्रेलिया आयात किया गया है।