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अमेरिकी कोर्ट ने हत्या के लिए भारतीय को 82 साल की सजा सुनाई

अमेरिका की एक अदालत ने 2008 में सैक्रामेंटो में एक सिख खेल परिसर में एक समारोह के दौरान अपने एक हमवतन की हत्या और एक दूसरे को घायल करने के लिए 30 साल के एक भारतीय व्यक्ति को 82 साल के कैद की सजा सुनायी। 'द सैक्रोमेंटो बी' की खबर के अनुसार सैक्रामेंटो की उपरी अदालत के न्यायाधीश रिचर्ड सूयोशी ने गत शुक्रवार को अमनदीप सिंह धामी को 31 अगस्त, 2008 को 26 साल के परमजीत सिंह की हत्या और परमजीत के सहयोगी साहिबजीत सिंह को घायल करने के लिए सजा सुनायी।

सैन फ्रांसिस्को: अमेरिका की एक अदालत ने 2008 में सैक्रामेंटो में एक सिख खेल परिसर में एक समारोह के दौरान अपने एक हमवतन की हत्या और एक दूसरे को घायल करने के लिए 30 साल के एक भारतीय व्यक्ति को 82 साल के कैद की सजा सुनायी। 'द सैक्रोमेंटो बी' की खबर के अनुसार सैक्रामेंटो की उपरी अदालत के न्यायाधीश रिचर्ड सूयोशी ने गत शुक्रवार को अमनदीप सिंह धामी को 31 अगस्त, 2008 को 26 साल के परमजीत सिंह की हत्या और परमजीत के सहयोगी साहिबजीत सिंह को घायल करने के लिए सजा सुनायी।

दिनदहाड़े हत्या के बाद धामी घटनास्थल से फरार हो गया था। लोगों ने दूसरे हमलावर गुरप्रीत सिंह गोसल (28) को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। गोसल को 25 साल के कैद की सजा सुनायी गयी है। धामी पांच साल के लिए भारत भाग गया था लेकिन 2013 में उसे कैलिफोर्निया प्रत्यर्पित कर दिया गया था। पिछले साल जून में धामी को दोषी करार दिया गया था। अभियोजकों ने कहा कि धामी और गोसल ने सैन होजे के एक नाइटक्लब में कुछ दिन पहले हुई एक भिड़ंत का बदला लेने के लिए पमरजीत और उसके आदमियों पर हमला किया था। दोनों विरोधी गुटों में काफी समय से विवाद चल रहा था।