अमेरिका में हिंसा के बीच इस भारतीय की क्यों हो रही है तारीफ?

अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत पर भड़की हिंसा को लेकर जहां सरकार और पुलिस की आलोचना हो रही है. वहीं, एक भारतीय नागरिक की तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर राहुल दुबे (Rahul Dubey) को हीरो के रूप में पेश किया जा रहा है.

अमेरिका में हिंसा के बीच इस भारतीय की क्यों हो रही है तारीफ?
राहुल दुबे

वाशिंगटन: अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत पर भड़की हिंसा को लेकर जहां सरकार और पुलिस की आलोचना हो रही है. वहीं, एक भारतीय नागरिक की तारीफों के पुल बांधे जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर राहुल दुबे (Rahul Dubey) को हीरो के रूप में पेश किया जा रहा है. दरअसल, वाशिंगटन DC में रहने वाले राहुल ने कम से कम 70 प्रदर्शनकारियों को उस वक़्त अपने घर में शरण दी थी, जब पुलिस उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग कर रही थी.  

राहुल ने कर्फ्यू समाप्त होने तक प्रदर्शनकारियों के लिए अपना घर खोल दिया था. इसी मानवीयता के लिए लोग उन्हें सराहा रहे हैं. राहुल अमेरिका में हेल्थकेयर सेवाओं से जुड़े हुए हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल ने ऐसे समय प्रदर्शनकारियों को शरण दी, जब पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग कर रही थी. उसके द्वारा पेपर स्प्रे का भी इस्तेमाल किया गया. प्रदर्शनकारी चिल्लाते हुए यहां-वहां भाग रहे थे, तभी राहुल ने उनके लिए अपने घर के दरवाजे खोल दिए. राहुल ने उस दृश्य को विशुद्ध आतंक के 10 मिनट करार दिया है.  

NBC वाशिंगटन से बातचीत में राहुल दुबे ने कहा, ‘भीड़ बवंडर की तरह दौड़ती हुई आ रही थी और मुझे दरवाजा खुला रखकर उन्हें अंदर खींचना था. तूफान की स्थिति में भी हम यही करते हैं’. गौरतलब है कि फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क गई थी. हजारों लोग सड़कों पर उतर आये थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार को वाशिंगटन सहित कई शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ा. लॉस एंजिल्स, फिलाडेल्फिया, अटलांटा और सिएटल में प्रदर्शन और रैलियां भी हुईं.  

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