ईरान में खदान विस्फोट में 35 की मौत, मिथेन गैस की वजह से हुआ धमाका

उत्तरी ईरान में खदान में फंसे हुए अपने साथियों को बचाने की कोशिश में 35 खनिकों के मारे जाने के बाद वहां किसी के भी जिंदा बचे होने की उम्मीद कम है. समाचार एजेंसियों ने बताया कि बुधवार (3 मई) को एक विस्फोट में एक मील लंबी सुरंग आंशिक तौर पर ढह गई. इसके बाद खदान में फंसे कर्मचारियों को बचाने की नाकाम कोशिश में 21 खनिक मारे गए.

ईरान में खदान विस्फोट में 35 की मौत, मिथेन गैस की वजह से हुआ धमाका
करीब 30 खनिकों का जहरीली गैस और चोटों के लिए विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

तेहरान: उत्तरी ईरान में खदान में फंसे हुए अपने साथियों को बचाने की कोशिश में 35 खनिकों के मारे जाने के बाद वहां किसी के भी जिंदा बचे होने की उम्मीद कम है. समाचार एजेंसियों ने बताया कि बुधवार (3 मई) को एक विस्फोट में एक मील लंबी सुरंग आंशिक तौर पर ढह गई. इसके बाद खदान में फंसे कर्मचारियों को बचाने की नाकाम कोशिश में 21 खनिक मारे गए.

ईरान की आधिकारिक आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने गोलेस्तान प्रांत के आपातकाल निदेशक सादेग-अली मोगदाम ने कहा, ‘शेष 14 खनिकों के बचे होने की उम्मीद कम होती जा रही है.’ अधिकारियों ने पहले कहा था कि जेमेस्टन योर्ट खदान में गहराई में 32 खनिकों के फंसे होने की आशंका है.

मोगदाम ने कहा, ‘21 खनिकों के शव 600 मीटर की गहराई में पाए गए.’ उन्होंने कहा कि 1,000 से 1,500 मीटर की गहराई में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने का अभियान जारी है. गोलेस्तान प्रांत में तीन दिन के शोक की घोषणा की गई है. आईआरएनए ने कहा कि करीब 30 खनिकों का जहरीली गैस और चोटों के लिए विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना में लगभग 50 खनिक घायल हो गए. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, दो किलोमीटर लंबी गैस से भरी हुई सुरंग में 50 से अधिक खनिक फंसे हुए थे। यह भी बताया जा रहा है कि यह घटना शिफ्ट में बदलाव के समय घटी. अधिकारियों ने मिथेन गैस को विस्फोट का कारण बताया है.