ईरान, अमेरिका 2015 परमाणु समझौते पर कर सकते हैं वार्ता

ईरानी राजनयिकों की एक टीम ईरान के परमाणु समझौते के कार्यान्वयन के संबंध में नियमित वार्ता के लिए वियना दौरे पर हैं.

ईरान, अमेरिका 2015 परमाणु समझौते पर कर सकते हैं वार्ता
ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी. (फाइल फोटो)

तेहरान: ईरान और अमेरिका 2015 ईरानी परमाणु समझौता या संयुक्त व्यापक कार्रवाई योजना (जेसीपीओए) पर ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में वार्ता कर सकते हैं. समाचार पत्र तेहरान टाइम्स के मुताबिक, ईरानी वार्ताकारों के एक करीबी सूत्र ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि ईरानी राजनयिकों की एक टीम ईरान के परमाणु समझौते के कार्यान्वयन के संबंध में नियमित वार्ता के लिए वियना दौरे पर हैं. यह टीम अमेरिकी अधिकारियों सहित वार्ता में भाग ले रहे अन्य पक्षों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगी.

दोनों पक्ष ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने और अमेरिका द्वारा समझौते के उल्लंघन के संबंध में दिए उदाहरण पर वार्ता करेंगे. ईरान और अन्य देशों ने, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन और रूस शामिल हैं, के प्रतिनिधियों ने हालिया जेसीपीओए दौर का वार्ता वियना में शुक्रवार को आयोजित किया. जेसीपीओए के अंतर्गत ईरान को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटवाने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को जरूर सीमित करना होगा.

यूरोप, अमेरिका परमाणु हथियार और मिसाइल को नष्ट करे तभी होगी बातचीत: ईरान ने चेताया

ईरान की सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार (3 मार्च) को कहा था कि ईरान तब तक अपने मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत नहीं करेगा, जब तक यूरोप और अमेरिका अपने परमाणु हथियारों और मिसाइलों को नष्ट नहीं कर देते. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ईरान की सेनाओं के उपसेना प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल मसूद जाजायेरी ने कहा, "अमेरिका जिस हताशा के साथ ईरान की परमाणु क्षमताओं पर प्रतिबंध लगाने की बात कह रहा है, वह सपना कभी पूरा नहीं होने वाला."

जाजायेरी ने कहा, "ईरान की परमाणु शक्ति को लेकर अमेरिका की चिंता क्षेत्र में उनकी निराशा और हार से उपजी है." इसके अलावा ईरान के रक्षा शक्ति के विकास से अमेरिका कमजोर स्थिति में आ गया है. उन्होंने अमेरिका से क्षेत्र छोड़ देने का आग्रह किया है. उन्होंने जोर देकर कहा, "ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के लिए वार्ता की पूर्व शर्त यह है कि अमेरिका और यूरोप अपने परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों को नष्ट करें."

अमेरिका 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' बंद करे : ईरान
इससे पहले ईरान ने बीते 26 फरवरी को अमेरिका से तेहरान के विरुद्ध 'मनौवैज्ञानिक और प्रचार युद्ध' बंद करने के लिए कहा. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासमी ने कहा, "अमेरिका अपने उस नीति को बढ़ावा दे रहा है जिसके अंतर्गत वह वैश्विक समुदाय और यूरोपीय देशों को ईरान के साथ निकट संबंध बढ़ाने से रोकता है." समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कासमी ने अपने सप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "ईरान के प्रति अमेरिका की नीति सभी को पता है और वैश्विक समुदाय अपने हितों को ध्यान में रखकर ईरान के साथ संबंध को आगे बढ़ाएगी."

कासमी ने कहा, "अमेरिका की ईरान-रोधी नीति उसके नीतियों के हार का संकेत है." उन्होंने कहा, "हम कई देशों के साथ हमारे आर्थिक संबंधों को बढ़ा रहे हैं और इस समय हम अमेरिका को सलाह देना चाहते हैं कि अपनी नीति निर्माण से इस तरह की शत्रुतापूर्ण नीति खत्म करे."