बगदाद: प्रदर्शनकारियों पर हमले में 23 की मौत, सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी

अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार को अल-खलानी स्क्वायर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 135 घायल भी हो गए.

बगदाद: प्रदर्शनकारियों पर हमले में 23 की मौत, सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी
(फोटो - रॉयटर्स)

बगदाद: बगदाद (Baghdad,) में प्रदर्शनकारियों पर एक हमले में 23 लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों में यह सामने आया है. हालांकि, हमले के बावजूद शनिवार को लोगों ने सरकार विरोधी प्रदर्शन (Protest) जारी रखा. इराक के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एफे को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार को अल-खलानी स्क्वायर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 135 घायल भी हो गए.

हमलावर इलाके में वाहनों के काफिले में घुस आए और वहां प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी. अल-खलानी एक मल्टी-स्टोरी पार्किंग गैरेज के बगल में है, जिस पर दो महीने पहले शुरू हुई मौजूदा लामबंदी के बाद से प्रदर्शनकारियों द्वारा कब्जा कर लिया गया है.

यह तहरीर चौक (Tahrir Square) के करीब भी है, जो उस आंदोलन का केंद्र रहा है, जिसके कारण प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल-महदी को पहले ही इस्तीफा देना पड़ा था. इन हमलों के बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और उन्होंने सुधारों की मांग करते हुए अल-खलानी स्कवेयर और तहरीर स्कवेयर पर विरोध प्रदर्शन करना जारी रखा.

इराकी राष्ट्रपति बरहम सालेह (barham salih) ने 'आपराधिक गिरोहों के सशस्त्र आपराधिक हमले' की निंदा की, हालांकि उन्होंने नाम नहीं लिया. उन्होंने सशस्त्र और हिंसक रवैये के बिना किसी भी नागरिक के विरोध और शांति से प्रदर्शन करने के जायज अधिकार पर जोर दिया.

इराक के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि जीनिन हेनिस-प्लास्चर्ट ने भी हमले की निंदा की. उन्होंने एक बयान में कहा, "सशस्त्र लोगों द्वारा निहत्थे प्रदर्शनकारियों की जानबूझकर हत्या इराक के लोगों के खिलाफ अत्याचार से कम नहीं है." उन्होंने कहा, "अपराधियों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें बिना देर किए न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए."

हजारों लोगों ने शुक्रवार को तहरीर स्क्वायर पर बुलाई, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनकी मांगों को एक प्रधानमंत्री को दूसरे के साथ बदलने से परे है. 1 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 400 से अधिक मारे गए हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं.