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ISIS के चंगुल से छूटी यजीदी लड़कियों ने सुनाई आपबीती, सरेआम गैंगरेप करते थे आतंकी

इराक और सीरिया में आतंक का पर्याय बन चुके आईएसआईएस की एक और घिनौनी करतूत सामने आई है। इराक के अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय के लोगों को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने पिछले साल जुलाई महीने में बंधक बना लिया था, जिसमें कई महिलाएं और लड़कियों शामिल थी। इस बीच, तमाम कोशिशों के बाद आईएस आतंकियों ने यजीदी समुदाय के दो सौ से अधिक लोगों को रिहा तो कर दिया, लेकिन इन लोगों ने अपनी जो आपबीती सुनाई, उसे सुनकर सबकी रूह कांप जाएगी। इन आतंकियों ने अपनी घिनौनी हरकत से मानवता की सारी सीमा लांघ दी।

ISIS के चंगुल से छूटी यजीदी लड़कियों ने सुनाई आपबीती, सरेआम गैंगरेप करते थे आतंकी

नई दिल्ली: इराक और सीरिया में आतंक का पर्याय बन चुके आईएसआईएस की एक और घिनौनी करतूत सामने आई है। इराक के अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय के लोगों को इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने पिछले साल जुलाई महीने में बंधक बना लिया था, जिसमें कई महिलाएं और लड़कियों शामिल थी। इस बीच, तमाम कोशिशों के बाद आईएस आतंकियों ने यजीदी समुदाय के दो सौ से अधिक लोगों को रिहा तो कर दिया, लेकिन इन लोगों ने अपनी जो आपबीती सुनाई, उसे सुनकर सबकी रूह कांप जाएगी। इन आतंकियों ने अपनी घिनौनी हरकत से मानवता की सारी सीमा लांघ दी।

आईएस आतंकियों के बंधकों में से यजीदी समुदाय की 55 लड़कियों ने पिछले दस महीने में जो देखा है, वो किसी नर्क से कम नहीं है। आईएस के कब्जे से आजाद हुई लड़कियों के मुताबिक, उन्हें बार-बार गैंगरेप का शिकार बनाया गया। उन्‍हें किसी कमरे में या बंद दरवाजे के भीतर नहीं, बल्कि सरेआम लड़कियों के साथ गैंगरेप किया गया। कभी दो तो कभी तीन-तीन आतंकियों ने उनके साथ बलात्कार किया। उनके अपनों के सामने, बंधकों के शिविरों में उन्हें वहशीपन का शिकार बनाया गया। आईएस के दरिंदों ने दस महीने तक यजीदी लड़कियों को सेक्स गुलाम बनाकर रखा और इनकी जिंदगी को नर्क बनाकर रख दिया।

एक यौन पीडि़ता के अनुसार बताया गया कि वह खुद आईएसआईएस के चंगुल में रहते हुए 10 से ज्यादा लोगों के हाथों दुष्कर्म की शिकार बनाई जा चुकी है। सभी दुष्कर्मी मुख्य लड़ाके और आत्मघाती हमलावर थे।
 
जानकारी के अनुसार, पिछले साल जुलाई में इन बंधकों को सिंजर इलाके से बंधक बनाया गया। इसके बाद इन बंधकों को आईएस के दरिंदे अपने इलाकों में ले गए। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग और बच्चे थे। उनके साथ तो सिर्फ मारपीट की गई, उन्हें प्रताडि़त किया गया। मगर 55 अन्‍य महिलाएं और लड़कियों के साथ इस्लामिक स्टेट ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी। उनके साथ दस महीनों तक गैंगरेप किया गया। इन बंधकों को छुड़ाने में एक गैर सरकारी संगठन ने अहम भूमिका निभाई। इस संस्था के एक अधिकारी के मुताबिक, बंधकों को छुड़ाने के लिए एक बड़ा सौदा किया गया है, इसके लिए आईएस को भारी रकम चुकाई गई है।

बताया गया कि आईएस के जिस लड़ाके ने ज्यादा दरिंदगी दिखाई, उसे इनाम के तौर पर यजीदी लड़कियों को गिफ्ट किया जाता था। एनजीओ के एक अधिकारी के मुताबिक बार-बार हुए बलात्कार और टॉर्चर की वजह से कुछ लड़कियां मानसिक संतुलन खो चुकी हैं।

गौर हो कि इससे पहले, एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तरी इराक में आईएसआईएस आतंकियों ने मानवता की सारी हदों को पार कर दिया। आईएसआईएस ने नौ साल की एक लड़की को पहले गुलाम बनाया और उसके बाद दस आतंकियों ने उसके साथ बारी-बारी दुष्कर्म किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद नौ वर्षीय पीड़ित के गर्भवती हो गई है। पीड़ित यजीदी लड़की आईएसआईएस आतंकवादियों के चंगुल में लगभग एक साल फंसी रही। यजीदी लड़की के साथ वहां कई अल्पसंख्यक महिलाएं और लड़कियों को यौन गुलाम के तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था।