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महिलाओं को 'सेक्‍स गुलाम' बनने के लिए मजबूर कर रहा है इस्‍लामिक स्‍टेट

दुनिया के खतरनाक आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएस) के आतंकियों की बर्बरता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अंतरराष्‍ट्रीय अखबार न्‍यूयॉक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस्‍लामिक स्‍टेट के आतंकी अब महिलाओं को सेक्‍स गुलाम बनने के लिए मजबूर कर रहे हैं। आईएस के लड़ाके महिलाओं के साथ सेक्स गुलाम की तरह व्यवहार करते हैं।

महिलाओं को 'सेक्‍स गुलाम' बनने के लिए मजबूर कर रहा है इस्‍लामिक स्‍टेट

नई दिल्‍ली : दुनिया के खतरनाक आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएस) के आतंकियों की बर्बरता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अंतरराष्‍ट्रीय अखबार न्‍यूयॉक टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस्‍लामिक स्‍टेट के आतंकी अब महिलाओं को सेक्‍स गुलाम बनने के लिए मजबूर कर रहे हैं। आईएस के लड़ाके महिलाओं के साथ सेक्स गुलाम की तरह व्यवहार करते हैं।

गौर हो कि इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएस) के आतंकियों ने सीरिया के लगभग एक तिहाई यजीदियों को खत्‍म कर दिया है। वे महिलाओं और लड़कियों को सेक्स गुलाम बनाकर रखतें हैं और उन पर तरह तरह का जुल्म किया जाता है। महिलाओं की खरीद फरोख्त भी होती है। लड़कियों और महिलाओं को जबरन सेक्‍स गुलाम बनने के लिए मजबूर कर रहे हैं। हालांकि, आईएस आतंकियों की ये बर्बरता पिछले कई महीनों से सामने आ रही है। इराक और सीरिया में आईएस के लड़ाके भयावह यौन हिंसा को अंजाम दे रहे हैं। कई यजीदी किशोरी जो अल्पसंख्यक समुदाय का हिस्सा हैं, उन्‍हें ये लड़ाके निशाना बना रहे हैं।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, आईएस के लड़ाके महिलाओं और लड़कियों (जिसमें 11 साल की बच्चियां भी शामिल हैं) पर बर्बर जुल्‍म ढाते हुए उनके साथ बलात्‍कार करते हैं। साथ ही, इन्‍हें सेक्‍स गुलाम के तौर पर रखकर रेप की वारदात को अंजाम देते हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि, हाल में इराक में 21 महिलाओं और लड़कियों का साक्षात्‍कार किया गया जो आईएस के चंगुल से किसी तरह बचकर निकल आईं। इन्‍होंने आईएस के जुल्‍म की बर्बर दास्‍तां को बताया और ये भी कहा कि उनके ऊपर किस तरह का जुल्‍म ढाया गया।

इराक में एक 12 साल की कुर्दिश बच्‍ची के साथ बर्बरता की घटना भी सामने आई है। उसे सेक्‍स गुलाम बनाकर रखा गया था। आईएस का एक लड़ाका उसके साथ रेप करता था और कई तरह की यातनाएं देता था।

कुछ महीने पहले, आईएस आतंकियों के बंधकों में से यजीदी समुदाय की 55 लड़कियों ने पिछले दस महीने में जो देखा है, वो किसी नर्क से कम नहीं है। आईएस के कब्जे से आजाद हुई लड़कियों के मुताबिक, उन्हें बार-बार गैंगरेप का शिकार बनाया गया। उन्‍हें किसी कमरे में या बंद दरवाजे के भीतर नहीं, बल्कि सरेआम लड़कियों के साथ गैंगरेप किया गया। कभी दो तो कभी तीन-तीन आतंकियों ने उनके साथ बलात्कार किया। उनके अपनों के सामने, बंधकों के शिविरों में उन्हें वहशीपन का शिकार बनाया गया। आईएस के दरिंदों ने दस महीने तक यजीदी लड़कियों को सेक्स गुलाम बनाकर रखा और इनकी जिंदगी को नर्क बनाकर रख दिया। एक यौन पीडि़ता के अनुसार बताया गया कि वह खुद आईएसआईएस के चंगुल में रहते हुए 10 से ज्यादा लोगों के हाथों दुष्कर्म की शिकार बनाई जा चुकी है। सभी दुष्कर्मी मुख्य लड़ाके और आत्मघाती हमलावर थे।

उत्तरी इराक में आईएसआईएस आतंकियों ने मानवता की सारी हदों को पार कर दिया। आईएसआईएस ने नौ साल की एक लड़की को पहले गुलाम बनाया और उसके बाद दस आतंकियों ने उसके साथ बारी-बारी दुष्कर्म किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के बाद नौ वर्षीय पीड़ित के गर्भवती हो गई है। पीड़ित यजीदी लड़की आईएसआईएस आतंकवादियों के चंगुल में लगभग एक साल फंसी रही। यजीदी लड़की के साथ वहां कई अल्पसंख्यक महिलाएं और लड़कियों को यौन गुलाम के तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था।

हाल में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, एक छोटे से मकान में 100 से अधिक लड़कियां रखी गईं। उन्हें निर्वस्त्र किया गया और नहलाया गया। इसके बाद उन्हें पुरूषों के एक समूह के सामने खड़ा कर दिया गया जिसने लड़कियों की कीमत लगाई। आतंकियों की ओर से सेक्स स्लेव के लिए बेची जाने वाली लड़कियों और महिलाओं की 'प्राइस लिस्ट' भी बीते दिनों सार्वजनिक की गई थी। इस लिस्ट में सबसे कम उम्र की लड़कियों की कीमत दस हजार जबकि 50 साल की औरत की कीमत 2 से 3 हजार रुपये तक थी। इस्लामिक स्टेट लड़ाई में जिंदा पकड़ी गई महिलाओं को गुलामों की तरह बोली लगाता है और खरीदने वाले उन्हें अपना गुलाम बना लेते हैं। उन्हें इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के सामने लड़ाई के तोहफे के तौर पर रखा जाता है। इस्लामिक स्टेट के मुताबिक उसके कब्जे में हजारों महिलाएं और बच्चे हैं और इनमें से ज्यादातर यजीदी और कुर्दिश महिलाएं-लड़कियां हैं।