coronavirus: इस देश के रक्षा मंत्री का दावा, कहा- हमने बना ली कोरोना की वैक्सीन

दुनियाभर में जारी कोरोना के कहर के बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने इस वायरस की वैक्सीन बना ली है. 

coronavirus: इस देश के रक्षा मंत्री का दावा, कहा- हमने बना ली कोरोना की वैक्सीन

नई दिल्ली: दुनियाभर में जारी कोरोना वायरस (coronavirus) के कहर के बीच राहत की खबर आई है. इजरायल (Israel) ने इस वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा किया है. इजरायल के रक्षामंत्री नैफताली बेन्नेट (Naftali Bennett) ने सोमवार को कहा है कि इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (IIBR) ने कोरोना वायरस के एंटीबॉडी को अलग करने में सफलता हासिल कर ली है. बेन्नेट ने सोमवार को आईआईबीआर का दौरा भी किया. 

इजराइट द्वारा जारी बयान के मुताबिक, "बेन्नेट ने सोमवार को नेस्स जियोना में इजराइल के इंस्टीट्यूट फॉर बायोलोजिकल रिसर्च (आईआईबीआर) का दौरा किया और उन्हें 'वह एंटीबॉडी दिखाया गया जो वायरस पर हमला करता है और मरीजों के शरीर के अंदर ही उसे निष्प्रभावी बना सकता है."

इस बयान में कहा गया है कि एंटीबॉडी विकसित कर लिया गया है और अब संस्थान उसे पेटेंट कराने की प्रक्रिया में है एवं अगले चरण में अनुसंधानकर्ता वाणिज्यिक स्तर पर उस एंटीबॉडी का उत्पादन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से संपर्क करेंगे. 

आईआईबीआर को जो एंटीबॉडी मिला है वह मोनोक्लोनल है. यानी जो मरीज कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उनके सिंगल रिकवर्ड सेल से इसे अलग किया गया है. इससे पहले जो एंटीबॉडी सेपरेट किए गए थे, वो पॉलीक्लोनल थे यानी दो या दो से अधिक सेल से अलग किए गए थे.  

बेन्नेट ने कहा, "मुझे बॉयोलॉजिकल स्टाफ पर गर्व है जिन्होंने इतनी बड़ी कामयाबी हासिल की है." बेन्नेट ने अपने बयान में कहा कि आईआईबीआर ने 'मोनोक्लोनल न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी' विकसित कर ली है. इसका इस्तेमाल कोरोना वायरस को फैलाने वाले कैरियर बॉडी को न्यूट्रिलाइज करने में किया जा सकता है.

आईआईबीआर के डायरेक्टर ने कहा कि एंटीबॉडी फॉर्मूला का पेटेंट कराया जा रहा है, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मैन्युफैक्चर इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करेंगे. सभी कानूनी प्रक्रियाएं रक्षा मंत्रालय के साथ जल्द पूरी की जाएंगी. IIBR प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी में है और उसे कोरोना वायरस का टीका विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.  

मार्च में इज़राइल के दैनिक अखबार हरेत्ज ने मेडिकल सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि संस्थान के वैज्ञानिकों ने इस वायरस की जैविक प्रणाली और विशेषताएं समझने में अहम उपलब्धि हासिल की है जिनमें उसकी बेहतर नैदानिक क्षमता, मरीजों के लिए एंटीबॉडी और टीके का विकास आदि शामिल हैं. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या बेन्नेट के सामने पेश की गयी उपलब्धि, मार्च में आई खबर की अगली कड़ी है? ज्यादा ब्योरा भी नहीं दिया गया है. बयान में यह नहीं बताया गया है कि क्या इंसान पर उसका परीक्षण किया गया है या नहीं? आईआईबीआर ने संभवत: कुछ क्लीनिकल परीक्षण किए हैं. अनुसंधानकर्ताओं ने उस प्रोटीन की पहचान की है जो मरीज के शरीर में ही इस वायरस को खत्म करने में सक्षम है. संस्थान अपने निष्कर्षों के बारे में शीघ्र ही रिसर्च प्रकाशित करेगा. 

पिछले माह, आईआईबीआर ने घोषणा की थी उसने एंटीबॉडी आधारित वैक्सीन की टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया है. आईआईबीआर कोरोना महामारी से ठीक हो चुके लोगों से प्लाज्मा कलेक्शन का भी काम कर रहा है. इस उम्मीद के साथ कि इससे इस वायरस पर और रिसर्च करने में मदद मिलेगी. इजराइल की दूसरी रिसर्च टीम मिगवैक्स (MigVax) ने भी कहा है कि वह कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के अंतिम चरण में है. 

(इनपुट: रॉयटर्स)

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