काबुल में नाटो के काफिले पर हमले में 8 की मौत, ISIS ने ली जिम्मेदारी

राजधानी काबुल में नाटो के बख्तरबंद काफिले को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और अन्य 25 लोग घायल हो गए. 

काबुल में नाटो के काफिले पर हमले में 8 की मौत, ISIS ने ली जिम्मेदारी
विस्फोट में वे दो भारी बख्तरबंद एमआरएपी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. (फाइल फोटो)

काबुल: राजधानी काबुल में नाटो के बख्तरबंद काफिले को निशाना बनाकर किए गए भीषण विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और अन्य 25 लोग घायल हो गए. अधिकारी ने बताया कि तालिबान के वसंत में अपने अक्रामक हमले शुरू करने का ऐलान करने के एक दिन बाद यह हमला किया गया है. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली है.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि हमला सुबह के समय भीड़-भाड़ भरी सड़क पर अमेरिकी दूतावास और नाटो मुख्यालय के पास किया गया. हताहत लोगों में अधिकतर आम नागरिक हैं. नाटो ने बताया कि गठबंधन के तीन सैनिक घायल हुए हैं लेकिन उनकी जान का खतरा नहीं है. यूएस फोर्सेज-अफगानिस्तान के प्रवक्ता ने कहा, ‘उनकी स्थिति स्थिर है और अभी उनका इलाज गठबंधन के चिकित्सीय केंद्र में चल रहा है.’ उन्होंने उनकी नागरिकता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

आईएस की प्रचार एजेंसी अमाक ने विस्फोट की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि मारे गए सभी अमेरिकी सैनिक है. हालांकि इन आतंकवादियों को बढ़ा चढ़ा कर दावे करने के लिए जाना जाता है. इस हमले में एक बख्तबंद सैन्य वाहन सहित तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं. कई अन्य कारों तथा इमारतों को भी नुकसान पहुंचा. जिस इलाके में यह हमला हुआ, उसमें अमेरिकी दूतावास तथा सर्वोच्च न्यायालय भी हैं.

अमेरिका अफगानिस्तान में नई रणनीतियां बना रहा है और नाटो सैनिको का स्तर बढ़ाने पर विचार कर रहा है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि यह विस्फोट अमेरिकी दूतावास और नाटो मुख्यालय के समीप सुबह के अतिव्यस्त मार्ग में हुई. नाटो ने कहा है कि गठबंधन के घायल हुए तीन सदस्यों की जान को कोई खतरा नहीं है.

एएफपी फोटोग्राफर एवं चश्मदीद ने बताया कि विस्फोट में वे दो भारी बख्तरबंद एमआरएपी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए जिनमें विदेशी बल सवार थे और वही सड़क पर एक छोटा गड्ढ़ा भी हो गया. विस्फोट में आम नागरिकों की तीन कारें भी क्षतिग्रस्त होग गई वहीं एक में आग भी लग गई. वहीं कई मीटर दूर तक खिड़कियों में भी कंपन महसूस किया गया. दमकल विभाग की गाड़िया और एंबुलेंसों ने पीड़तों को मौके पर पहुंचाया.

एक सुरक्षा कर्मी ने एएफपी को बताया कि काफिले में शामिल एक सफेद वाहन में विस्फोट होने से कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मामूली रूप से घायल हो गए. हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है. तालिबान ने वसंत में हमले शुरू करने की बात कहने के एक दिन बाद यह हमला कई सवाल खड़े करता है, जिसमें उसने अंतरराष्ट्रीय सैनिकों को निशाना बनाने का संकल्प लिया था. अमेरिकी बल अफगानिस्तान के प्रवक्ता ने कहा, ‘उनकी हालत स्थिर है और उनका उपचार गठबंधन चिकित्सा केन्द्र में चल रहा है।’ 

यह हमला पूर्वी अफगानिस्तान में अमेरिका द्वारा अब तक का सबसे बड़ा गैर परमाणु बम से हमला करने के तीन सप्ताह बाद हुआ है. अफगानिस्तान में नाटो के कमांडर जनरल जॉन निकोलसन ने कहा कि विश्व भर को भौंचक्का कर देने वाले इस हमले ने यह स्पष्ट किया है कि युद्धग्रस्त इस देश में आईएस के लिए कोई स्थान नहीं है. आईएस के अनुसार यह एक आत्मघाती कार बम हमला है और नाटो का कहना है कि यह शक्तिशाली विस्फोटक के जरिए किया गया हमला है जिसमें काफिले में शामिल दो बख्तरबंद वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

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