संयुक्त राष्ट्र ने कठुआ बलात्कार मामले को बताया 'भयावह', आरोपियों को न्याय के दायरे में लाने की उम्मीद

इस मामले में अपराध शाखा के एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है. अभी तक दो पुलिस अधिकारियों सहित आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई है.

संयुक्त राष्ट्र ने कठुआ बलात्कार मामले को बताया 'भयावह', आरोपियों को न्याय के दायरे में लाने की उम्मीद
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस. (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले को ‘‘भयावह’’ करार देते हुए , इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों को कानून के दायरे में लाए जाने की उम्मीद जाहिर की है. खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय की एक बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी और एक सप्ताह बाद उसका शव उसी इलाके में मिला था. गांव के ही एक मंदिर में एक सप्ताह तक उसके साथ कथित तौर पर छह लोगों ने बलात्कार किया. पीड़िता की हत्या करने से पहले नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया था. इस घटना के बाद से संपूर्ण भारत में रोष देखने को मिला.

गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार (13 अप्रैल) को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैंने बच्ची के साथ बलात्कार के इस जघन्य अपराध की मीडिया रिपोर्ट देखी हैं. हमें उम्मीद है कि अधिकारी अपराधियों को कानून के दायरे में लाएंगे ताकि बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में उन्हें सजा दी जाए.’’ बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले पर महासचिव की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर दुजारिक ने यह बयान दिया. मामले में अपराध शाखा के एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है. अभी तक दो पुलिस अधिकारियों सहित आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई है.

पीएम मोदी ने घटना को बताया 'शर्मनाक'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 13 अप्रैल को मामले पर अपनी नाराजगी प्रकट करने हुए इसे देश के लिए ‘‘शर्मनाक’’ करार दिया और अपराधियों को बख्शे न जाने की बात कही. उन्होंने कहा था, ‘‘मैं देश को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि कोई अपराधी बख्शा नहीं जाएगा. न्याय होगा. हमारी बेटियों को इंसाफ मिलेगा.’’  

मोदी ने कहा, ‘‘जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं. पिछले दो दिनो से जो घटनाये चर्चा में है वह निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार है.’’

दिल्ली के अलीपुर में डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक के उद्घाटन के दौरान मोदी ने कहा, ‘‘देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं. मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूँ की कोई अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा. कोई अपराधी नहीं बचेगा.’’

(इनपुट एजेंसी से भी)