लेबनानी आर्मी को बेरूत बंदरगाह पर मिले 1.3 टन पटाखे, अमेरिका ने लगाया है ये गंभीर आरोप

लेबनानी आर्मी ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर कहा कि 120 पेटियों में 1,320 किलोग्राम पटाखे मिली है, जिसे सेना के इंजीनियरों ने निष्क्रिय कर दिया है. 

लेबनानी आर्मी को बेरूत बंदरगाह पर मिले 1.3 टन पटाखे, अमेरिका ने लगाया है ये गंभीर आरोप
बेरूत बंदरगाह (रायटर्स)

नई दिल्‍ली: लेबनान की आर्मी (Lebanon Army) ने कहा है कि उसे बेरूत बंदरगाह पर 1.3 टन पटाखे मिले हैं जो अगस्त में हुए विशाल विस्फोट में नष्ट हो गए थे. इस विस्फोट के पीछे बड़ी मात्रा में केमिकल्‍स को खराब स्थिति में भंडारण करने को जिम्‍मेदार ठहराया गया था. 

लेबनानी आर्मी ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर कहा कि 120 पेटियों में 1,320 किलोग्राम  मिली है, जिसे सेना के इंजीनियरों ने निष्क्रिय कर दिया है. 

बता दें कि बेरूत पोर्ट (Beirut Port) पर 4 अगस्त को हुए एक बड़े विस्फोट के कारण तबाही मच गई थी. इस विस्‍फोट के कारण कम से कम 190 लोग मारे गए थे और 6,000 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए हैं. 3 सितंबर को लेबनानी आर्मी ने कहा था कि उसे बंदरगाह के प्रवेश द्वार के पास 4 .35 टन अमोनियम नाइट्रेट मिला है.

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अमेरिका ने लगाया आरोप 
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिसके आधार पर कहा जाए कि लेबनान के हिजबुल्ला की सशस्त्र विंग विस्‍फोटक बनाने के लिए केमिकल्‍स का भंडारण कर रहा था. यह बयान वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के यह कहने के बाद आया है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि ग्रुप ने 2012 से यूरोप में गुप्‍त जगह बनाई हुई. 

गुरुवार को आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अमेरिका के स्‍टेट डिपार्टमेंट के कोऑर्डिनेटर नाथन सेल्स ने ईरान-समर्थित समूह पर बेल्जियम, फ्रांस, ग्रीस, इटली, स्पेन और स्विट्जरलैंड से अमोनियम नाइट्रेट समेत अन्‍य रसायनों की तस्करी करने और भंडारण करने का आरोप लगाया है.

सेल्स ने ना तो विस्तार से इस मामले में जानकारी दी और ना ही इन गतिविधियों को लेकर कोई सबूत दिए. उन्‍होंने कहा, 'यह ऐसे हथियारों को स्टोर करता है ताकि तेहरान में उसके आका जब चाहें तब बड़े आतंकवादी हमले कर सकें.'

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एग्नेस वॉन डेर मुहेल ने संवाददाताओं से कहा, 'हमारी जानकारी के मुताबिक फ्रांस के पास इस तरह के आरोप की पुष्टि करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है.'