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ZEE जानकारी : श्रीनगर में अस्पताल पर हमला कर अपने एक साथी को छुड़ा ले गए आतंकी

आतंकवादियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं और श्रीनगर के सबसे बड़े अस्पताल पर हमला किया. ये हमला एक आतंकवादी को छुड़वाने के लिए किया गया था. इस हमले में जम्मू कश्मीर पुलिस के दो पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं.

ZEE जानकारी : श्रीनगर में अस्पताल पर हमला कर अपने एक साथी को छुड़ा ले गए आतंकी

DNA में आज सबसे पहले हम आतंकवादियों के दुस्साहस का विश्लेषण करेंगे. आज हमारे पास श्रीनगर से पूरे देश को चौंकाने वाली ख़बर आई है. वैसे तो श्रीनगर या जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमला होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन आज आतंकवादियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं और श्रीनगर के सबसे बड़े अस्पताल पर हमला किया. ये हमला एक आतंकवादी को छुड़वाने के लिए किया गया था. इस हमले में जम्मू कश्मीर पुलिस के दो पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं. हम इस हमले को बड़ा हमला इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि इसमें आतंकवादियों ने श्रीनगर के सबसे बड़े अस्पताल को निशाना बनाया है. सबसे पहले आपको बताते हैं कि ये आतंकवादी हमला कैसे हुआ? 

आज श्रीनगर के श्री महाराजा हरी सिंह अस्पताल में 6 कैदियों को Routine Check-up के लिए लाया गया था. इनमें 5 सामान्य कैदी थे, जबकि 1 आतंकवादी था, जिसका नाम है - नवीद जट उर्फ अबु हंज़ुल्लाह . इन सभी कैदियों को श्रीनगर की ही सेंट्रल जेल से अस्पताल लाया गया था. श्रीनगर सेंट्रल जेल से इस अस्पताल की दूरी करीब 6 किलोमीटर है.  आज सुबह करीब 11 बजकर 35 मिनट पर.. जैसे ही अस्पताल के OPD Ward में पुलिसकर्मी.. नवीद के चेक-अप के लिए पहुंचे, अस्पताल परिसर में पहले ही घात लगाए हुए दो आतंकवादी बैठे हुए थे. 

नवीद को देखते ही इन आतंकवादियों ने हमला कर दिया. नवीद के साथ 3 पुलिसकर्मी मौजूद थे. आतंकवादियों ने दो पुलिसकर्मियों को गोली मारी, जिसके बाद पूरे अस्पताल में भगदड़ मच गई और इस भगदड़ का फायदा उठाकर नवीद भागने में कामयाब रहा. हमले में जम्मू कश्मीर पुलिस के इन दोनों पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. इन दोनों के नाम हैं - मुश्ताक अहमद और बाबर अहमद.  जम्मू कश्मीर पुलिस की Interim Report के अनुसार आतंकी नवीद के साथ मौजूद तीसरे पुलिसकर्मी ने Response में Fire नहीं किया.  पुलिस के मुताबिक हमला करने वाले आतंकवादी.. नवीद को एक मोटरसाइकिल पर बैठाकर भगा ले गए. 

इस पूरी घटना में एक बात तो साफ है कि आतंकवादियों को ये पहले से पता था कि नवीद Routine Check Up के लिए अस्पताल आने वाला है. इसीलिए वो पहले से ही अस्पताल में घात लगाए बैठे हुए थे. लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि इसकी जानकारी इन आतंकवादियों को कैसे मिली? आतंकवादी हथियारों के साथ इतने बड़े अस्पताल के अंदर नवीद का इंतज़ार कर रहे थे. ऐसे में है कि क्या इस अस्पताल में सुरक्षा के कोई प्रावधान नहीं थे? हमारा ये मानना है कि इस पूरी घटना में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ है, जिसने ये जानकारी आतंकवादियों को दी है. और वो व्यक्ति बाहर का नहीं बल्कि सिस्टम के अंदर का आदमी है. 

नवीद कोई छोटा मोटा आतंकवादी नहीं था. उसके ऊपर सुरक्षाबलों की तरफ से 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. वो लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था और पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला था. वो नवंबर 2012 में घुसपैठ करके भारत आया था. नवीद को लश्कर-ए-तैयबा के Headquarters मुरीदके में Training दी गई थी. सुरक्षाबलों के मुताबिक नवीद और उसके साथ कम से कम 22 आतंकवादी नवंबर 2012 से लेकर मई 2013 तक बांदीपुरा के जंगलों में मौजूद थे. और इसके बाद नवीद को आतंकवादी हमला करने के लिए पुलवामा और शोपियां में भेजा गया. 

अब आपको ये बताते हैं कि नवीद और उसके साथियों ने जम्मू कश्मीर में कौन कौन से आतंकवादी हमले किए? 2014 के लोकसभा चुनावों में नवीद ने जम्मू कश्मीर के नागबल इलाके में हमला किया था, जिसमें एक शिक्षक की हत्या कर दी गई थी. 2013 में उसने पुलवामा में एक पुलिसकर्मी की हत्या की थी. इसके अलावा पांच अन्य आतंकवादी हमलों में उसका हाथ था. इन हमलों में कम से कम 7 पुलिसकर्मी मारे हुए थे. नवीद को 2014 में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम से गिरफ्तार किया गया था. 
और तब से लेकर वो जेल में ही था. लेकिन आज वो भागने में कामयाब रहा. 

यहां आपको 1999 की घटना को भी याद करना चाहिए..24 दिसम्बर 1999 को हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के आतंकवादियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट, IC-814 को Hi-Jack कर लिया था. और यात्रियों की रिहाई के बदले, भारत को मजबूरी में मसूद अज़हर सहित 3 आतंकवादियों को छोड़ना पड़ा था. उसी आतंकवादी मसूद अज़हर ने मार्च 2000 में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया. 

और तब से लेकर अब तक, उसने भारत के सीने पर कई बड़े घाव किए हैं. भारत की संसद पर आतंकवादी हमला हो, या फिर जम्मू और कश्मीर में विधानसभा पर हुआ आतंकवादी हमला...या फिर पठानकोट एयरबेस पर हुआ आतंकवादी हमला...मसूद अज़हर और जैश-ए-मोहम्मद ने बार बार भारत का खून बहाया है. आज आतंकवादियों ने कोई प्लेन तो हाईजैक नहीं किया, लेकिन हमला करके अपने एक खतरनाक आतंकवादी को छुड़वा लिया. इसीलिए अब डर ये है कि कहीं नवीद जट नाम का ये आतंकवादी भी भविष्य का मसूद अज़हर ना बन जाए.