गूगल और फेसबुक को न्यूज के लिए करना होगा भुगतान, इस देश ने की पहल

अब ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक और गूगल को न्यूज के लिए भुगतान करना पड़ेगा.

गूगल और फेसबुक को न्यूज के लिए करना होगा भुगतान, इस देश ने की पहल

कैनबरा: फेसबुक और गूगल को ऑस्‍ट्रेलिया ने बड़ा झटका दिया है. अब ऑस्ट्रेलिया में FACEBOOK और GOOGLE को न्यूज के लिए भुगतान करना पड़ेगा. यह कदम ऑस्ट्रेलिया सरकार ने तब उठाया जब वहां मीडिया इंडस्ट्री कोरोना वायरस आने के बाद घाटे में चल रही है. इस बात का खुलासा ऑस्ट्रेलिया सरकार ने शुक्रवार को किया. भुगतान को लेकर सरकार ने दिशा़-निर्देश बनाए हैं जिसे जल्द ही संसद में पारित करने के लिए पेश किया जाएगा.

ऑस्ट्रेलिया सरकार के हिसाब से अब गूगल और फेसबुक को न्यूज के लिए भुगतान करना पड़ेगा. सरकार समाचार कंटेट के लिए शुल्क निर्धारित कर रही है. गूगल और फेसबुक को मीडिया कंपनियों से बातचीत के लिए तीन महीने का समय दिया है. इससे समाचार कंटेट के लिए शुल्क निर्धारित किया जा सके. गौरतलब है कि सरकार ने अनिवार्य आचार संहिता (MANDATORY CODE) का मसौदा जारी कर दिया है. जिससे डिजिटल कंपनियों को व्यावसायिक मीडिया कंपनियों से लिए गए न्यूज कंटेट के लिए शुल्क देना होगा 

ऑस्ट्रेलिया सरकार में कोषाध्यक्ष जोश फ्राइडेनबर्ग ने कहा,'कि हमने 18 महीनों तक गूगल और फेसबुक से न्यूज के लिए भुगतान पर बात की मगर दोनों इस मामले में एक साथ नहीं हो पाए'. फ्राइडेनबर्ग ने बताया कि गूगल और फेसबुक पर न्यूज कंटेट के लिए भुगतान कानून इस सप्ताह संसद में पेश किया गया जाएगा. इसके बाद इस कानून का उल्लंघन करने वाले डिजिटल प्लेटफाॅर्म को करोड़ों रुपए का भुगतान करना पड़ेगा. हालांकि यह पेनाल्टी केवल ऑस्ट्रेलिया से संबंधित न्यूज कंटेट के लिए होगी. फ्राइडेनबर्ग ने कहा कि हमारा फोकस दुनिया के सबसे प्रसिद्ध डिजिटल प्लेटफाॅर्म गूगल और फेसबुक पर है.

उन्होंने कहा कि यह कानून हम मीडिया कंपनियों को घाटे से उबरने के लिए ला रहे हैं. उनकी मानें तो कोरोना वायरस की वजह से ऑस्ट्रेलिया के दर्जनों अखबार बंद हो चुके हैं. न्यूज इंडस्ट्री इस समय घाटे में है. हाल ही में हजारों जर्नलिस्ट को उनके काम से हटाया जा चुका है. 

उधर फेसबुक और गूगल ने कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया पेड न्यूज के लिए कानून बनाता है तो हम डिजिटल प्लेटफाॅर्म में ऑस्ट्रेलिया की खबरों को प्रकाशित नहीं करेंगे. हालांकि अभी ऑस्ट्रेलिया सरकार इस मामले में गूगल और फेसबुक से बात कर रही है.