चीन के अत्याचारों के खिलाफ कनाडा में महारैली की तैयारी, इन देशों के लोग होंगे शामिल

वैंकूवर उइगर एसोसिएशन से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि चीन डिटेंशन में लिए गए एक लाख उइगर मुसलमानों के मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान करे. जिन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ने आतंकी होने का झूठा प्रचार करके कंसंट्रेशन कैंपों में बंद कर रखा है.

चीन के अत्याचारों के खिलाफ कनाडा में महारैली की तैयारी, इन देशों के लोग होंगे शामिल
फाइल फोटो | फोटो साभार: रॉयटर्स
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वैंकूवर: चीन (China) की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ दुनियाभर में विरोध बढ़ता जा रहा है. अमेरिका के बाद अब कनाडा (Canada) में भी लोग चीन के खिलाफ बड़ी रैली की तैयारी कर रहे हैं. वैंकूवर आर्ट गैलरी के बाहर होने वाली इस रैली में चीन के निर्वासित असंतुष्ट, हांगकांग, तिब्बत, शिनजियांग, भारत और फिलीपींस मूल के कनाडाई नागरिक भाग लेंगे. इस रैली में हांगकांग, तिब्बत और पूर्वी तुर्किस्तान पर किए जा रहे चीन के जुल्मों की निंदा की जाएगी. साथ ही भारत और फिलीपींस समेत दूसरे पड़ोसी देशों के प्रति चीन की आक्रामकता पर भी विरोध जताया जाएगा. इस रैली में दिसंबर 2018 में चीन में हिरासत में लिए गए दो कनाडाई नागरिक माइकल कोर्विग और माइकल स्‍पावर को रिहाई का मुद्दा भी उठेगा. चीन ने इन दोनों को जासूसी के आरोप में हिरासत में ले रखा है.

वैंकूवर उइगर एसोसिएशन से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि चीन डिटेंशन में लिए गए एक लाख उइगर मुसलमानों के मौलिक मानवाधिकारों का सम्मान करे. जिन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ने आतंकी होने का झूठा प्रचार करके कंसंट्रेशन कैंपों में बंद कर रखा है. उन्होंने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के उत्पीड़न के खिलाफ कनाडा में ये पहली बहुराष्ट्रीय बहुजातीय रैली होगी. रैली की तैयारी में जुटे इंडो-कैनेडियन समुदाय के एक सदस्य ने कहा कि हम उन 20 भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं जो लद्दाख के दुर्गम पहाड़ों में चीनी सैनिकों के धोखे से किए गए हमले में शहीद हो गए थे.

कनाडा के लोगों में चीन में हाल में पारित हुए नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के खिलाफ भी बहुत गुस्सा है. यह कानून 'वन कंट्री टू सिस्टम्स' सिद्धांत के तहत हांगकांग को मिली स्वायत्तता को बुरी तरह से नष्ट कर देता है. लोग दक्षिणी चीन सागर में चीन के एकतरफा दावे को भी गलत मानते हैं और इस क्षेत्र में मुफ्त नेविगेशन की मांग करते हैं. इसके साथ ही फिलीपींस, वियतनाम और ताइवान के समुद्री क्षेत्रों में चीन की ओर से बनाए जा रहे कृत्रिम द्वीपों को भी लोग इन देशों की संप्रभुत्ता के लिए बड़ा खतरा बता रहे हैं.

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इस रैली की मेजबानी कनाडा तिब्बत समिति व तिब्बती समुदाय, फ्रेंड्स ऑफ कनाडा इंडिया ऑर्गनाइजेशन, ग्लोबल पिनॉय डायस्पोरा कनाडा, वैंकूवर सोसाइटी ऑफ फ्रीडम, डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राइट्स फॉर चाइना, वैंकूवर सोसाइटी इन सपोर्ट ऑफ डेमोक्रेटिक मूवमेंट (VSSDM) और वैंकूवर उइगर एसोसिएशन मिलकर करेंगे. ये सभी संस्थाएं तिब्बत में किए जा रहे चीन के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे. साथ ही कनाडा सरकार से मांग करेंगे कि वो दूसरे लोकतांत्रिक देशों के साथ मिलकर चीन के अतिक्रमण के खिलाफ खड़ी हो और चीन की जेलों में कैद दो कनाडाइयों को छुड़वाने के लिए अभियान चलाए.

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