ऑस्ट्रेलिया से लौटाई गई नौका में फंसे अवैध प्रवासी, 13 भारतीय शामिल

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों द्वारा नौका लौटाए जाने के बाद पूर्वी इंडोनेशिया में एक द्वीप पर 13 भारतीयों समेत 16 अवैध प्रवासी फंस गए। फंसी हुई नौका में भारत, नेपाल और बांग्लादेश के प्रवासी थे जिसे गुरुवार देर रात दक्षिणी पूर्वी तिमोर द्वीप पर देखा गया और उस पर सवार सभी लोगों को स्थानीय मछुआरों ने निकाला।

क्वालालंपुर : ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों द्वारा नौका लौटाए जाने के बाद पूर्वी इंडोनेशिया में एक द्वीप पर 13 भारतीयों समेत 16 अवैध प्रवासी फंस गए। फंसी हुई नौका में भारत, नेपाल और बांग्लादेश के प्रवासी थे जिसे गुरुवार देर रात दक्षिणी पूर्वी तिमोर द्वीप पर देखा गया और उस पर सवार सभी लोगों को स्थानीय मछुआरों ने निकाला।

नौका को स्थानीय निवासी डेनियल लानी ने देखा। यह नौका पश्चिमी कुपांग जिले में स्कला गांव के निकट फंसी हुई थी। इसका ईंधन समाप्त हो गया था। डेनियल ने इंडोनेशियाई संवाद समिति अंतारा को बताया, 'उन्होंने मदद के लिए आवाज दी और तब हम उन्हें जमीन पर लाए और नजदीकी पुलिस को जानकारी दी।' 

स्थानीय पुलिस के प्रवक्ता जुलिस अब्राहम अब्बास ने कहा कि भारत से 13 प्रवासियों, नेपाल से दो और बांग्लादेश से एक प्रवासी पूर्वी इंडोनेशिया में तिमोर द्वीप पर ताब्लोलांग में गुरुवार की शाम पहुंचे। जहाज के कप्तान को हिरासत में ले लिया गया है।

समूह में एकमात्र बांग्लादेशी प्रवासी मोहम्मद अनवर (22) ने बताया कि समूह 10 दिन से अधिक समय से यात्रा कर रहा था। अनवर ने कहा, 'हम ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस द्वीप जा रहे थे। वहां पहुंचने पर हमें चार दिन के लिए हिरासत में रखा गया और जिस जहाज का हम जकार्ता से इस्तेमाल कर रहे थे उसे ऑस्ट्रेलिया के सुरक्षा बलों ने नष्ट कर दिया।' 

उन्होंने कहा, 'हमने क्रिसमस द्वीप पर चार दिन बिताए लेकिन हमसे ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा अधिकारियों ने इंडोनेशिया वापस लौट जाने को कहा क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार अवैध प्रवासियों को स्वीकार करने से मना करती है।' प्रवासियों ने अपनी यात्रा के लिए पांच-पांच हजार डॉलर का भुगतान किया था।