Myanmar Coup: दूसरों को बचाने में अपनी जान गंवाने वाली 19 वर्षीय Angel की ये कहानी आपको भावुक कर देगी

कायल सिन के नाम से भी पहचानी जाने वालीं एंजेल भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन लोकतंत्र की खातिर उनके बलिदान की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. सोशल मीडिया पर वायरल उनकी तस्वीरें म्‍यांमार की सेना के वीभत्‍स चेहरे को उजागर कर रही हैं और सवाल पूछ रही हैं कि आखिर ऐसा कब तक चलेगा?  

Myanmar Coup: दूसरों को बचाने में अपनी जान गंवाने वाली 19 वर्षीय Angel की ये कहानी आपको भावुक कर देगी
सेना के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एंजेल (फोटो: रॉयटर्स)

यांगून: 19 साल की एंजेल (Angel) जब म्‍यांमार की सेना (Myanmar  Army) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुईं, तो शायद उन्हें ‘सबकुछ ठीक’ होने की उम्मीद थी. डांसर और ताइक्वांडो चैंपियन (Dancer and Taekwondo Champion) एंजेल ने एक काले रंग की टीशर्ट पहनी हुई थी, जिस पर लिखा था, ‘Everything Will be OK’ यानी सबकुछ ठीक होगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. क्रूर सेना की एक गोली एंजेल के सिर को चीरते हुई निकल गई और इसी के साथ लोकतंत्र समर्थकों की एक आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई. बता दें कि देश भर में हो रहे प्रदर्शनों में अब तक कई लोकतंत्र समर्थक अपनी जान गंवा चुके हैं.

उम्मीद के साथ आशंका भी थी

एंजेल (Angel) इस बात को भी जानती थीं कि वह देश की शक्तिशाली और क्रूर सेना से टकराने जा रही हैं, जो खून की होली खेलने में विश्वास रखती है. इसलिए उन्होंने अपनी जेब में एक पर्चा रखा था जिस पर उनका ब्‍लड ग्रुप, संपर्क नंबर आदि लिखा था. साथ ही उन्होंने यह भी लिखकर रखा था कि अगर उनकी मौत हो जाए तो उनके शरीर को दान कर दिया जाए. एंजेल को जिस बात की आशंका थी, बुधवार को वही हुआ. मांडले (Mandalay) में म्‍यांमार के सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और उसमें से एक गोली एंजेल को जा लगी.

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Viral हो रहीं तस्वीरें

कायल सिन के नाम से भी पहचानी जाने वालीं एंजेल भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन लोकतंत्र की खातिर उनके बलिदान की प्रशंसा हो रही है. सोशल मीडिया पर वायरल उनकी तस्वीरें म्‍यांमार की सेना के वीभत्‍स चेहरे को उजागर कर रही हैं और सवाल पूछ रही हैं कि आखिर लोकतंत्र के समर्थकों को कब तक ऐसे ही निशाना बनाया जाता रहेगा? सेना ने अब तक एंजेल की मौत को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है. 

‘दूसरों को बचाने में दी जान’

विरोध-प्रदर्शन में एंजेल के साथ हिस्सा लेने वाले 23 वर्षीय Myat Thu उनकी बहादुरी के कायल हैं. एंजेल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह से एक 19 साल की लड़की ने बाकी प्रदर्शनकारियों की मदद की और उन्हें सुरक्षित करते-करते अपनी जान दे दी. Myat Thu के अनुसार, जब सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे, तो एंजेल ने पानी का पाइप चालू कर दिया ताकि प्रदर्शनकारी अपनी आंख धो सकें. इतना ही नहीं, उन्होंने आंसू गैस के गोले वापस सुरक्षाबलों की तरफ उछाल दिए. इसके बाद जब फायरिंग शुरू हुई, तो वह लगातार सभी से नीचे झुकने की अपील करती रहीं. उन्होंने मुझसे भी कहा कि नीचे बैठ जाओ, वरना गोली लग जाएगी और एक गोली खुद उन्हीं को लग गई’.

We won't Run, Blood Must not be Shed

Myat Thu ने बताया कि सभी प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण ढंग से तख्तापलट का विरोध और आंग सान सूची (Aung San Suu Kyi) सहित सभी नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस अचानक आक्रमक हो गई. फायरिंग से पहले के एक वीडियो में एंजेल को यह कहते सुना जा सकता है, ‘हम नहीं भागेंगे, खून नहीं बहाया जाना चाहिए’. Myat Thu और एंजेल की मुलाकात एक ताइक्वांडो क्लास में हुई थी. एंजेल मार्शल आर्ट में माहिर होने के साथ ही डांसर भी थीं. उन्होंने फेसबुक पर अपने डांस के कई वीडियो भी पोस्ट किये थे.

पिछले साल दिया था पहला Vote

एंजेल ने पिछले साल पहली बार वोट (Vote) दिया था और वह इसे लेकर काफी खुश भी थीं. उन्हें उम्मीद थी कि उनका यह वोट देश की बेहतरी के लिए काम करेगा, लेकिन सेना ने उनकी उम्मीदों को एक ही झटके में तोड़ दिया. एंजेल तख्तापलट के बाद से ही विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होती आ रही थीं, यह जानते हुए भी कि हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं. 19 साल की एंजेल ने फेसबुक में अपने आखिरी मैसेज में लिखा है, ‘शायद आखिरी बार मैं यह सबकुछ देख रही हूं. मैं आप सभी से बहुत प्यार करती हूं, हमेशा याद रखना’.

Country से बहुत प्यार करती थीं

एंजेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी यह अपील की थी कि यदि उन्हें कुछ हो जाता है, तो उनके अंगों को दान कर दिया जाए. एंजेल को याद करते हुए Myat Thu ने कहा कि वह बहुत खुशमिजाज लड़की थी. वह अपने परिवार और देश से बहुत प्यार करती थी. उन्होंने आगे कहा कि हम किसी युद्ध का सामना नहीं कर रहे हैं. निर्दोष लोगों पर इस तरह गोलियां चलाने की कोई वजह नहीं है. गौरतलब है कि म्यांमार की सेना ने एक फरवरी को तख्तापलट करके सभी प्रमुख नेताओं को जेल में डाल दिया है.

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