Netflix को इस देश में लगा बड़ा झटका, सरकार के शिकायत पर करना पड़ा ये काम

नेटफ्लिक्स की प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘हम विश्वस्तर पर कलाकार की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं.

Netflix को इस देश में लगा बड़ा झटका, सरकार के शिकायत पर करना पड़ा ये काम
.(फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: नेटफ्लिक्स ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसने एक व्यंग्यात्मक कॉमेडी शो के उस एपिसोड को हटा दिया है जिसमें सऊदी अरब की आलोचना की गई थी. सऊदी के कई अधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी. इस कदम के बाद ऑनलाइन स्वतंत्रता को लेकर एक नया सवाल खड़ा हो गया है.

‘पैट्रिऑट एक्ट विद हसन मिन्हाज’ के एक एपिसोड में इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी अरब की कड़ी आलोचना की गई थी. इसमें विशेष तौर पर वली अहद मोहम्मद बिन सलमान की निंदा की थी. साथ ही यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य अभियान को भी निशाना बनाया गया था.

नेटफ्लिक्स की प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘हम विश्वस्तर पर कलाकार की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं और सऊदी अरब से वैध कानूनी अनुरोध मिलने के बाद इस एपिसोड को हटाया गया है.’’

खशोगी को टाइम पत्रिका ने ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ सूची में शामिल किया
आपको बता दें कि इससे पहले इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में अक्टूबर में मारे गए पत्रकार जमाल खशोगी को टाइम पत्रिका ने ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ सूची में शामिल किया था.  इस साल टाइम पत्रिका की इस सूची में कई ऐसे पत्रकार हैं जिनकी या तो हत्या कर दी गई या फिर उन्हें अपने काम के लिए सजा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है. 

पत्रिका ने पत्रकारों को सच का ‘गार्डियन्स (रक्षक)’ करार दिया है.  खशोगी के साथ इस सूची में फिलीपीन की पत्रकार मारिया रेसा, रॉयटर के संवाददाता वा लोन और क्याव सो ओ (दोनों म्यामां की जेल में बंद) हैं.  इसके अलावा मेरीलैंड के एनापोलिस से निकलने वाले समाचार पत्र के कर्मचारी शामिल हैं. इसमें वह भी कर्मचारी शामिल हैं जो जून में हुई गोलीबारी में मारे गए थे. टाइम पत्रिका 1927 से ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ टाइटल से सम्मानित करता आ रहा है. इस सप्ताह के अंत में चार अलग-अलग कवर वाली पत्रिका प्रकाशित की गई है. प्रत्येक में अलग-अलग सम्मानितों को दिखाया गया है.