अन्य देशों के अंदरूनी मामलों में कोई दखल नहीं, मालदीव संकट पर पाकिस्तान ने कहा

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के विशेष दूत के रूप में 8 से 10 फरवरी तक पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर आए मालदीव के विदेश मंत्री मोहम्मद असीम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से मुलाकात की.

अन्य देशों के अंदरूनी मामलों में कोई दखल नहीं, मालदीव संकट पर पाकिस्तान ने कहा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी. (फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने मालदीव में जारी राजनीतिक उथल-पुथल से खुद को अलग करते हुए 9 फरवरी को कहा कि उसकी नीति अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की है. संकट में घिरे राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के विशेष दूत के रूप में आठ से दस फरवरी तक पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा पर आए मालदीव के विदेश मंत्री मोहम्मद असीम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से मुलाकात की और द्वीपीय देश की स्थिति से उन्हें अवगत कराया. विदेश कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि मालदीव के मंत्री ने अब्बासी को बताया कि किन परिस्थितियों में माले में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी. बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अन्य देशों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की नीति का पूरी तरह पालन करता है और इस बारे में संयुक्त राष्ट्र पंचाट के नियमों के अनुसार काम करना जारी रखेगा.’’ 

नहीं चाहते कि डोकलाम के बाद मालदीव भी भारत से टकराव का मुद्दा बने: चीन

वहीं दूसरी ओर चीन ने शुक्रवार (9 फरवरी) को कहा कि वह मालदीव में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के समाधान के लिए भारत से संपर्क में है और बीजिंग नहीं चाहता है कि यह मामला एक और ‘टकराव का मुद्दा’ बने. भारत के विशेष बलों की तैनाती के लिए तैयार होने से जुड़ी खबरों के बीच चीन के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बीजिंग इस बात पर कायम है कि किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक चीन मुद्दे के समाधान के लिए भारत के संपर्क में है. सूत्रों ने यहां बताया कि चीन नहीं चाहता है कि मालदीव एक और ‘टकराव का मुद्दा बने.’

डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध एवं संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने में बीजिंग की बाधा से हाल में द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हुए हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार (9 फरवरी) को हुई बातचीत सहित मालदीव से संबंधित कई सवालों के जवाब में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मालदीव की संप्रभुता और स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए.

क्या है मामला:
मालदीव की सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले गुरुवार (1 फरवरी) को विपक्ष के नौ हाई-प्रोफाइल राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और उनके खिलाफ चलाये गए मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताये जाने के बाद से ही देश में राजनीतिक संकट के बादल छा गये थे. घटना के बाद मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये. राष्ट्रपति ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी जिसके कुछ ही घंटों बाद सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद और एक अन्य न्यायाधीश अली हमीद को गिरफ्तार कर लिया गया.

(इनपुट एजेंसी से भी)