ट्रंप ने ICBM टेस्ट को बताया उत्तर कोरिया का दुस्साहसी कदम, चीन ने संयम बरतने को कहा

ट्रंप ने कहा, ‘विश्व को डरा कर ये हथियार एवं परीक्षण उत्तर कोरिया को और अलग थलग बनाते हैं, इसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करते हैं और इसके लोगों को वंचित करते हैं.’

ट्रंप ने ICBM टेस्ट को बताया उत्तर कोरिया का दुस्साहसी कदम, चीन ने संयम बरतने को कहा
ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका अपने देश और क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.’ (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन/बीजिंग: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया का अंतरमहाद्वीप बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण उसके निरंकुश शासन का दुस्साहसी एवं खतरनाक कदम है और यह कदम प्योंगयांग को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अलग थलग कर देगा. पेंटागन ने कहा कि उत्तर कोरिया ने एक महीने में शुक्रवार (28 दुलाई) को दूसरी बार आईसीबीएम का परीक्षण किया. इससे एक दिन पहले ही अमेरिकी कांग्रेस ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया पर नए कड़े प्रतिबंध लागू करने के लिए मतदान किया था.

ट्रंप ने प्योंगयांग के आईसीबीएम परीक्षण के कुछ घंटों बाद कहा, ‘उत्तर कोरिया ने आज एक और बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जो एक महीने से भी कम समय में ऐसा दूसरा परीक्षण है. यह उत्तर कोरिया के शासन का नया दुस्साहसी एवं खतरनाक कदम है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस कदम की निंदा करता है और उत्तर कोरियाई शासन के इस दावे को खारिज करता है कि ये परीक्षण और ये हथियार प्योंगयांग की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं. उन्होंने कहा कि इस दावे के विपरीत इनका प्रतिकूल प्रभाव होता है.

ट्रंप ने कहा, ‘विश्व को डरा कर ये हथियार एवं परीक्षण उत्तर कोरिया को और अलग थलग बनाते हैं, इसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करते हैं और इसके लोगों को वंचित करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका अपने देश और क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.’

चीन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की निंदा की

चीन ने उत्तर कोरिया के अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल परीक्षण की शनिवार (29 जुलाई) को निंदा की और परीक्षण के जवाब में अमेरिका एवं दक्षिण कारिया द्वारा सैन्य अभ्यास आयोजित करने के बाद सभी पक्षों से संयम बरतने का अनुरोध किया. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘चीन उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आम आकांक्षाओं के विपरीत इसके कार्यों का विरोध करता है.’ मंत्रालय की वेबसाइट पर एक संक्षिप्त बयान में गेंग ने कहा कि चीन उत्तर कोरिया से ‘संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का अनुपालन करने और स्थिति को बदतर करने वाली कार्रवाइयों से परहेज करने’ का अनुरोध करता है.

उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में (चीन द्वारा) उम्मीद की जाती है कि सभी संबंधित पक्ष सावधानी बरतेंगे और तनाव बढ़ाने से परहेज करेंगे तथा प्रायद्वीप पर शांति एवं स्थिरता बनाये रखने में एक दूसरे के साथ काम करेंगे.’ अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ सभी ने उत्तर कोरिया के शुक्रवार (28 जुलाई) के मिसाइल परीक्षण की एक सुर में तत्काल निंदा की. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि पूरा अमेरिकी भूभाग इस मिसाइल की जद में आ जायेगा.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी भूभाग एवं अपने सहयोगियों के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये हर जरूरी कदम उठाने का संकल्प जताया. अमेरिकी सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया के परीक्षण के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने ‘सैन्य प्रतिक्रिया विकल्प’ पर चर्चा की. उत्तर कोरिया के मुख्य आर्थिक एवं कूटनीतिक सहयोगी चीन ने किसी तरह के सैन्य दखल का विरोध किया और संवाद के माध्यम से हल निकालने का आह्वान किया.