कोरोना से सहमा तानाशाह! कोविड-19 का संदिग्ध मिलने के बाद आपातकाल घोषित

उत्तर कोरिया को रूस और अन्य देशों से कोरोना की टेस्टिंग के लिए हजारों किट्स मिली हैं, कोरोना काल के दौरान हजारों लोगों को क्वारंटाइन किया गया.

कोरोना से सहमा तानाशाह! कोविड-19 का संदिग्ध मिलने के बाद आपातकाल घोषित
फोटो साभार: रॉयटर्स

सियोल: उत्तर कोरिया (North Korea) के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong-un) ने देश में पहला कोरोना वायरस (Coronavirus) संदिग्ध मिलने के बाद आपात बैठक बुलाई और सीमावर्ती शहर केसोंग में लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया. उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम जोंग उन ने कहा कि उन्हें लगता है कि ये क्रूर वायरस’ देश में आ गया है.

आपको बता दें कि करीब 2 लाख की आबादी वाला केसोंग शहर दक्षिण कोरिया के साथ लगती सीमा के उत्तर में स्थित है. अगर इस संदिग्ध की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ये उत्तर कोरिया द्वारा घोषित उनके देश का पहला आधिकारिक कोरोना मरीज होगा क्योंकि इससे पहले ये देश खुद को कोरोना मुक्त बता रहा था. सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम ने इसे राष्ट्रीय आपदा बताते हुए केसोंग को सील करने का आदेश दिया. इससे पहले शहर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब इस शख्स ने 19 जुलाई को दक्षिण कोरिया से लौटने का खुलासा हुआ.

हालांकि सरकारी न्यूज एजेंसी ने ये साफ नहीं किया है कि संदिग्ध का कोरोना टेस्ट कहां हुआ और दक्षिण कोरिया से लौटे युवक की मेडिकल जांच में क्या असामान्य लक्षण पाए गए. हालांकि गहन शारीरिक परीक्षण के बाद ये माना गया कि भगोड़ा युवक किसी कोरोना पॉजिटिव के करीबी संपर्क में आया होगा.

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बता दें कि उत्तर कोरिया को रूस और अन्य देशों से कोरोना की टेस्टिंग के लिए हजारों किट्स मिली हैं. कोरोना काल के दौरान हजारों लोगों को क्वारंटाइन किया गया, कठोर प्रतिबंधों से छूट अभी हाल ही में दी गई थी और सख्ती से बॉर्डर सील किए गए.

पिछले कुछ हफ्तों में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया में बसने की चाहत में देश छोड़कर भागने वालों पर सख्ती बढ़ाई है हालांकि पहले भी उत्तर कोरिया के प्रति निष्ठा बदल कर दक्षिण कोरिया भागने वालों पर देशद्रोह जैसे आरोपों में सख्त सजा देने का चलन रहा है और ऐसे मामलों को वो दक्षिण कोरिया की साजिश बताता आया है.

तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी मिलिट्री यूनिट और प्रशासन को जांच के बाद दोषियों को सख्त सजा देने का आदेश दिया. वहीं भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी और सावधान रहने को कहा है. दक्षिण कोरिया ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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