उत्तर कोरिया की चेतावनी, अमेरिका ने और प्रतिबंध लगाए तो माकूल जवाब देंगे

प्योंगयांग ने 28 जुलाई को ह्वासोंग-14 मिसाइल दागा था, जिसने लगभग 47 मिनट में 998 किलोमीटर की दूरी तय की थी और जापान सागर में गिरने से पहले 3,724.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा था.

उत्तर कोरिया की चेतावनी, अमेरिका ने और प्रतिबंध लगाए तो माकूल जवाब देंगे
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन. (फाइल फोटो)

प्योंगयांग: उत्तर कोरिया ने रविवार (30 जुलाई) को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने अपनी मौजूदा सैन्य नीति जारी रखी और प्योंगयांग के दूसरे अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल लांच के प्रतिक्रियास्वरूप कड़े प्रतिबंध लगाए तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के जरिए जारी एक बयान में शुक्रवार (28 जुलाई) के बैलिस्टिक मिसाइल लांच को देश की सैन्य क्षमताओं का एक प्रदर्शन बताया है. बयान में कहा गया है कि यह परीक्षण अमेरिका के लिए एक सख्त चेतावनी थी कि वह मूर्खतापूर्व टिप्पणियां न करे, प्रतिबंध न लगाए और डीपीआरके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) के खिलाफ दबाव का अभियान न चलाए.

बयान में कहा गया है, "अमेरिका द्वारा युद्ध का ढिंढोरा पीटने और डीपीआरके पर कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी देने से उत्तर कोरिया मजबूत ही हुआ है और परमाणु बम हासिल करने का इसका कदम और न्यायोचित साबित हुआ है." अमेरिका ने रविवार (30 जुलाई) को इसके पहले उत्तर कोरिया के शुक्रवार (28 जुलाई) के आईसीबीएम लांच के जवाब में कोरियाई प्रायद्वीप के पास बी-1बी बमवर्षक तैनात कर दिए. अमेरिका ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहेगा कि वह उत्तर कोरिया के खिलाफ कठोर प्रतिबंध लगाए और इसके साथ ही वह मिसाइल परीक्षण के जवाब में एकतरफा प्रतिबंध लगाने पर काम करेगा.

उल्लेखनीय है कि प्योंगयांग ने शुक्रवार (28 जुलाई) को ह्वासोंग-14 मिसाइल दागा था, जिसने लगभग 47 मिनट में 998 किलोमीटर की दूरी तय की थी और जापान सागर में गिरने से पहले 3,724.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा था. उत्तर कोरिया ने इस लांच को सफल बताया था और कहा था कि इससे साबित हो गया है कि प्योंगयांग अमेरिका के किसी भी हिस्से को मिसाइल से निशाना बना सकता है.

उत्तर कोरिया ICBM टेस्ट, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने किया बैलिस्टिक मिसाइल एक्सरसाइज

दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने शनिवार (29 जुलाई) को उत्तर कोरिया के खिलाफ एक फायरपॉवर शो के तहत संयुक्त रूप से बैलिस्टिक मिसाइल अभ्यास किया. समाचार एजेंसी योनहप के अनुसार, जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि यह अभ्यास पूर्वी तट पर आयोजित किया गया, जिसमें दक्षिण कोरिया के ह्यूनमू-2 और अमेरिका की आठवीं सेना के एटीएसीएमएस ने हिस्सा लिया. उनके दागे हुए मिसाइल पूर्व सागर में गिरे, जहां कुछ घंटों पहले उत्तर कोरिया द्वारा दागा गया अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल (आईसीबीएम) गिरा माना जाता है. 300 किलोमीटर के दायरे वाला ह्यूनमू-2 एक रोड मोबाइल टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है. आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम समान दूरी वाला मिसाइल है. जेसीएस ने अपने बयान में कहा, "सहयोगियों ने दुश्मन के नेतृत्व पर सटीक हमले के लिए अपनी क्षमताओं की पुष्टि की."

इससे पहले कम्युनिस्ट राष्ट्र द्वारा ह्वासोंग-14 आईसीबीएम परीक्षण करने पर इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों (दक्षिण कोरिया, अमेरिका) ने संयुक्त रूप से बैलिस्टिक मिसाइल का अभ्यास किया था. इससे पहले पेंटागन के प्रवक्ता जेफ डेविस ने मीडिया को बताया कि उन्हें पता चला है कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी समयानुसार सुबह 10.45 बजे अंतरमहाद्वीपीय बैलिटिक मिसाइल परीक्षण किया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, परीक्षण की सबसे पहले पुष्टि जापान सरकार ने की थी, जिसमें कहा गया था कि मिसाइल ने करीब 45 मिनट उड़ान भरी और फिर जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिर गया.