सूडान में 30 साल के शासन का हुआ अंत, आपातकाल घोषित, राष्ट्रपति को किया गिरफ्तार

सूडान में सेना ने निरंकुश राष्ट्रपति उमर अल बशीर को 30 सालों के शासन के बाद इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया.

सूडान में 30 साल के शासन का हुआ अंत, आपातकाल घोषित, राष्ट्रपति को किया गिरफ्तार
रक्षा मंत्री ने कहा कि शासन को हटाया जा रहा है और गिरफ्तार राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा.(फोटो- Reuters)

 नई दिल्ली: सूडान में सेना ने निरंकुश राष्ट्रपति उमर अल बशीर को 30 सालों के शासन के बाद इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया. सूडान के रक्षा मंत्री के अनुसार, सेना ने निरकुंश राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर लिया है. रक्षा मंत्री ने सरकारी टीवी पर अपने संदेश में कहा कि, अगले 3 महीने तक देश में आपातकाल लागू किया जा रहा है. 1989 से सूडान पर शासन करने वाले बशीर के खिलाफ कई महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा था. रक्षा मंत्री ने कहा कि शासन को हटाया जा रहा है और गिरफ्तार राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि सूडान के संविधान को निलंबित कर दिया गया है. अगली सूचना तक सीमा पार से किसी भी हवाई यात्रा को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है. 

टेलीविजन पर सेना ने कहा था कि- 'जल्द होगी महत्वपूर्ण घोषणा'
इससे पहले सरकारी टीवी ने खबर दी थी कि सशस्त्र बलों को एक "अहम संदेश" देना है और राष्ट्र को इसके लिए इंतजार करने को कहा गया था. सरकार और सेना में वरिष्ठ पदों पर आसीन दो अधिकारियों ने नाम न उजागर करने की गुजारिश पर एसोसिएटिड प्रेस को बताया था कि सशस्त्र बलों ने अल बशीर को इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया है और अंतरिम सरकार के गठन के लिए बातचीत कर रहे हैं.


सूडान में अल बशीर के शासन के खिलाफ करीब चार महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे..(फोटो- Reuters)

चार महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे
गौरतलब है कि सूडान में अल बशीर के शासन के खिलाफ करीब चार महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. इससे इस तरह के अंदेशे थे वह सत्ता छोड़ने के लिए राजी नहीं है और उन्हें सेना हटा सकती है. पैन अरब टीवी नेटवर्क में कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है.

उन्होंने लोगों की फुटेज भी प्रसारित की है जो खरतौम में राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए और तालियां बजाते हुए राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहे थे. अल बशीर जो कि कई देशों के लिए अछूत बने थे, की तलाश दरफूर में अत्याचारों के लिए अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध अधिकरण को भी है. चश्मदीदों ने खरतौम में बताया कि शहर में सुबह से ही अहम इमारतों और स्थलों पर सेना की तैनाती की गई है.