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सीरिया के शिविर से सुरक्षित बाहर निकाले गए ऑस्ट्रेलियाई ISIS लड़ाकों के अनाथ बच्चे

ऐसा माना जा रहा है कि इन बच्चों की उम्र दो से 17 वर्ष तक की है और सभी उत्तरी सीरिया के एक शिविर में रह रहे थे. इस शिविर तक काउंसलर पहुंच बिलकुल असंभव है.

सीरिया के शिविर से सुरक्षित बाहर निकाले गए ऑस्ट्रेलियाई ISIS लड़ाकों के अनाथ बच्चे
तीन बच्चे यासिन रिजविक के हैं जो ऑस्ट्रेलिया से अपनी पत्नी के साथ सीरिया गया था.

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने सोमवार को बताया कि ऑस्ट्रेलियाई इस्लामिक स्टेट लड़ाकों के आठ अनाथ बच्चों को सीरिया के एक शिविर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

यह मॉरिसन के पुराने रूख से बिल्कुल उलट है. प्रधानमंत्री ने पहले कहा था कि उनकी सरकार सिर्फ उन्हीं ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद करेगी जो दूतावास या वाणिज्य दूतावास में मदद के लिए पहुंचेंगे.

प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा कि दो कुख्यात जिहादियों के बच्चे और नाती-पोते अब ऑस्ट्रेलियाई सरकार की निगरानी में हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इन बच्चों की उम्र दो से 17 वर्ष तक की है और सभी उत्तरी सीरिया के एक शिविर में रह रहे थे. इस शिविर तक काउंसलर पहुंच बिलकुल असंभव है.

मॉरिसन ने एक बयान में कहा, 'मां-बाप का बच्चों को युद्ध क्षेत्र में लेकर जाना बहुत ही निंदनीय कदम है. लेकिन बच्चों को उनके मां-बाप के अपराधों की सजा नहीं मिलनी चाहिए'. इन आठ बच्चों में तीन बच्चे और दो नाती-पोते सिडनी में जन्मे खालीद शरॉफ के हैं. शरॉफ ने एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें उसका एक बेटा सीरियाई सैनिक का कटा हुआ सिर पकड़े हुए है, इसी पोस्ट के बाद वह सबकी नजरों में चढ़ा था.

तीन बच्चे यासिन रिजविक के हैं जो ऑस्ट्रेलिया से अपनी पत्नी के साथ सीरिया गया था. आईएसआईएस के इन दोनों लड़ाकों को मृत मान लिया गया है. मॉरिसन ने हालांकि बच्चों के नाम और उन्हें शिविर से कैसे निकाला गया, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है.