अफगानिस्तान से दोस्ती के लिए तड़प रहा पाकिस्तान, कहा- दूतावास दोबारा खोल दो, रिश्ता बना रहे

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 'अफगानिस्तान(Afghanistan) द्वारा विरोधस्वरूप वाणिज्य दूतावास को बंद करना अफसोसनाक है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान(Afghanistan) से आग्रह किया है कि वह अपने वाणिज्य दूतावास को फिर से खोल दे. 

अफगानिस्तान से दोस्ती के लिए तड़प रहा पाकिस्तान, कहा- दूतावास दोबारा खोल दो, रिश्ता बना रहे
.(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पेशावर में एक बाजार के विवाद में अफगानिस्तान(Afghanistan) द्वारा अपने वाणिज्य दूतावास को बंद करने के मामले में दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ गई है. पाकिस्तान ने बाजार के मालिकाना को लेकर अफगानिस्तान(Afghanistan) के बयान को 'गुमराह करने वाला' बताया है. साथ ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान(Afghanistan) से आग्रह किया है कि वह अपने वाणिज्य दूतावास को फिर से खोल दे. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर पेशावर की अफगान मार्केट के मालिकाने के बारे में अफगानिस्तान(Afghanistan) के बयान को खारिज कर दिया है.

पाकिस्तान के बयान में कहा गया है, "अफगानिस्तान(Afghanistan) विदेश मंत्रालय ने मार्केट से जुड़े मामले को तोड़ मरोड़कर पेश किया है. अफगानिस्तान(Afghanistan) विदेश मंत्रालय द्वारा घटना को गुमराह करने वाले अंदाज में पेश करना अफसोसनाक है." बयान में कहा गया है कि 'हम इस मामले में पाकिस्तान में की गई अदालती कार्यवाही के खिलाफ दिए गए बयान को भी खारिज करते हैं.'

पाकिस्तान के बयान में कहा गया है कि मार्केट का मामला एक नागरिक और अफगानिस्तान(Afghanistan) के एक बैंक के बीच था. अदालत ने नागरिक के पक्ष में फैसला सुनाया. अफगानिस्तान(Afghanistan) की तरफ से कानून के विपरीत कार्रवाई की गई जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने मार्केट को खाली कराने की कार्रवाई की.

गौरतलब है कि अफगानिस्तान(Afghanistan) का कहना है कि मार्केट अफगानिस्तान(Afghanistan) की संपत्ति है और पुलिस ने इस पर से जबरन अफगानिस्तान(Afghanistan) का झंडा उतार दिया और मार्केट पर कब्जा कर लिया गया. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 'अफगानिस्तान(Afghanistan) द्वारा विरोधस्वरूप वाणिज्य दूतावास को बंद करना अफसोसनाक है.

पाकिस्तान को उम्मीद है कि अफगानिस्तान(Afghanistan) सरकार अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी और उम्मीद है कि एक निजी मामले की वजह से दो देशों के संबंध खराब नहीं होंगे.'