पाकिस्तान का दावा, तालिबान-हक्कानी नेटवर्क के 27 से ज्यादा आतंकियों को अफगानिस्तान को सौंपा

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पिछले 10 दिनों के दौरान हुए कई आतंकी हमलों में करीब 150 लोगों की जान जा चुकी है.

पाकिस्तान का दावा, तालिबान-हक्कानी नेटवर्क के 27 से ज्यादा आतंकियों को अफगानिस्तान को सौंपा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने तालिबान और हक्कानी नेटवर्क से जुड़े 27 से अधिक संदिग्ध आतंकवादियों को पिछले साल नवंबर में अफगानिस्तान को सौंपा था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह दावा किया है. पाकिस्तान विदेश कार्यालय प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान ने हक्कानी नेटवर्क और तहरीक ए तालिबान अफगानिस्तान के संदिग्ध तत्वों को खदेड़ना जारी रखा है, ताकि उन्हें उसकी सरजमीं से अफगानिस्तान में किसी आतंकी गतिविधि को अंजाम देने से रोका जा सके.

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘इस परिप्रेक्ष्य में, तहरीक ए तालिबान और हक्कानी नेटवर्क से जुड़े 27 संदिग्ध लोगों को नवंबर 2017 में अफगानिस्तान को सौंपा गया.’’ गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में अपनी नयी दक्षिण एशिया नीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के नाकाम रहने की स्थिति में उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने का आह्वान किया था. ट्रंप ने इस साल अपने प्रथम ट्वीट में पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंड का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था.

अफगान खुफिया प्रमुख काबुल हमले का सबूत सौंपने पाकिस्तान दौरे पर, हमलावरों को ISI ने दी थी ट्रेनिंग

इस बीच, अफगानिस्तान के गृहमंत्री वी. अहमद बरमाक और खुफिया एजेंसी नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सेक्युरिटी के प्रमुख मासूम स्तानकजई की सदस्यता वाला एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सीमा के आर पार होने वाले आतंकवाद से निपटने में संभावित सहयोग पर चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं. हालांकि, दोनों देश एक दूसरे पर एक दूसरे की सरजमीं का आतंकवादी गतिवधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने का अक्सर ही आरोप लगाते रहते हैं. हाल ही में काबुल में हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद अफगानिस्तान प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा हो रही है. इन हमलों में करीब 100 लोग मारे गए थे. इसकी जिम्मेदारी तालिबान और दाइश ने ली थी.

अशरफ गनी ने पीएम मोदी से की बात, भारत को बताया सच्चा दोस्त, पाकिस्तान के पीएम अब्बासी का फोन काटा

वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने बुधवार (31 जनवरी) को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी से टेलीफोन पर बातचीत करने से इनकार कर दिया, वहीं उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 'आतंकी पनाहगाहों को समाप्त करने की जरूरत' पर चर्चा की. गनी ने ट्वीट कर कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने मानवता के दुश्मनों द्वारा नागरिकों की मूर्खतापूर्ण हत्याओं के प्रति अपनी संवेदना जताने के लिए फोन किया था." मीडिया रिपोर्ट में हालांकि बताया गया है कि जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अब्बासी ने उनसे इस संबंध में फोन पर बातचीत करनी चाही, तो गनी ने इनकार कर दिया. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, मैंने 'हमारे पड़ोस' में आतंकी पनाहगाहों को समाप्त करने की जरूरत के संबंध में बातचीत की. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा 'अफगानिस्तान का अच्छा दोस्त रहा है जो हमारे दुख और वेदना को साझा करता है.'