पाकिस्तान: कोरोना वायरस से निपटने के लिए 3 प्रांतों ने मांगी सेना, मस्जिदों के बजाए घरों में नमाज पढ़ने को कहा गया

पाकिस्तान में कोरोना वायरस के प्रकोप के बढ़ने के साथ देश के तीन प्रांतों सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब ने सेना की मदद मांगी है.  

पाकिस्तान: कोरोना वायरस से निपटने के लिए 3 प्रांतों ने मांगी सेना, मस्जिदों के बजाए घरों में नमाज पढ़ने को कहा गया

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में कोरोना वायरस के प्रकोप के बढ़ने के साथ देश के तीन प्रांतों सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब ने बीमारी से निपटने में नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना तैनात करने की मांग की है. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदर ने संघीय सरकार से प्रांत में सेना तैनात करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति है, ऐसे में सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा.

उन्होंने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए पंजाब में पांच विशेष अस्पताल बनाए जा रहे हैं. प्रांत में खाने-पीने के किसी भी सामान की किल्लत नहीं है. सरकार के आदेशों को लागू करने में नागरिक प्रशासन को सेना की मदद की जरूरत पड़ सकती है.

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बलूचिस्तान सरकार ने भी प्रांत में कोरोना वायरस से निपटने के लिए सेना तैनात करने में संघीय सरकार से मदद मांगी है. प्रांत की सरकार ने इस आग्रह का पत्र संघीय गृह मंत्रालय को भेजा है.

सिंध सरकार ने भी संघीय सरकार से फौज की मदद उपलब्ध कराने को कहा है. सिंध की सरकार ने कहा है कि वह प्रांत में लॉकडाउन करने जा रही है. ऐसे में हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सेना की मदद चाहिए. लॉकडाउन की स्थिति में बिना जरूरत घर से निकलने वालों को हिरासत में लिया जा सकता है.

शबे मेराज पर घरों में ही नमाज पढ़ेंगे लोग

इस्लाम में खास धार्मिक महत्व रखने वाली शबे मेराज के अवसर पाकिस्तान के उलेमा ने लोगों से इस मौके पर पढ़ी जाने वाली विशेष नमाजों को मस्जिदों के बजाए घरों में ही पढ़ने के लिए कहा है.कोरोना वायरस के मद्देनजर इस बार मस्जिदों में इन नमाजों के लिए हर साल की तरह व्यवस्था नहीं की गई है. शबे मेराज आज (रविवार) की रात में पड़ रही है. मुसलमानों में मान्यता है कि इस्लामी रजब महीने की 27वीं तारीख की रात को मुहम्मद साहब आसमानों का सफर कर अल्लाह के सामने हाजिर हुए थे. इसी की याद में रात भर विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं.

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'रोजनामा पाकिस्तान' की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान उलेमा कौंसिल के चेयरमैन हाफिज ताहिर अशरफी ने लाहौर में कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर नमाजी, शबे मेराज पर पढ़ी जाने वाली नमाजें मस्जिदों के बजाए घरों में पढ़ें. उन्होंने कहा कि यह सही है कि मौत और जिंदगी अल्लाह के हाथ में है, लेकिन इसी के साथ एहतियात बरतना भी जरूरी है.

पंजाब सरकार के संयुक्त उलेमा बोर्ड ने भी लोगों से शबे मेराज की रात की नमाजें घरों पर पढ़ने की अपील की. बोर्ड ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा. बोर्ड ने कहा कि इस्लाम खुद की सुरक्षा और दूसरों की सुरक्षा का संदेश देता है. अन्य सभाओं की तरह धार्मिक सभाओं पर भी पाबंदी के मद्देनजर घरों में नमाज पढ़ी जाए.