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पाकिस्तान: राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर विपक्षी एकजुटता में फंसा पेंच, पीटीआई की राह आसान

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री पद पीटीआई प्रमुख इमरान खान के हाथों खोने के बाद विपक्षी दल अब राष्ट्रपति की कुर्सी हथियाने की कोशिश में लगे हैं.

पाकिस्तान: राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर विपक्षी एकजुटता में फंसा पेंच, पीटीआई की राह आसान
पीपीपी और पीएमल-एन एक संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर चौधरी ऐतजाज एहसान का नाम घोषित करने का प्रयास कर रही है (फोटो साभार: जियो टीवी)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं. प्रधानमंत्री पद पीटीआई प्रमुख इमरान खान के हाथों खोने के बाद विपक्षी दल अब राष्ट्रपति की कुर्सी हथियाने की कोशिश में लगे हैं. लेकिन विपक्षी एकता एक बात पर बिखरती नजर आ रही है. ऐसा लग रहा है कि विपक्षी एकता में फंसा वह पेंच, जिस पर पीएमल-एन और पीपीपी दोनों झुकने को तैयार नहीं है, पीटीआई के उम्मीदवार डॉ. आरिफ अलवी को पाकिस्तान का अगला राष्ट्रपति बनवा सकता है. गौरतलब है कि शुक्रवार को हुए बहुदलीय सम्मेलन के बाद विपक्षी दलों के महागठबंधन ने घोषणा की थी कि वह राष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त उम्मीदवार बनाएगा, लेकिन पार्टियां रविवार को सर्वसम्मति बना पाने में नाकाम रहीं क्योंकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी चौधरी एजाज अहसान के नामांकन पर दृढ़ बनी रही, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज उसे नकारती रही.

ऐतजाज एहसान आज दाखिल करेंगे नामांकन
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार डॉन के सोमवार के अंक में पहले पन्ने पर प्रकाशित एक खबर में दावा किया गया है कि संयुक्त उम्मीदवार उतारने में विपक्षी दलों की विफलता राष्ट्रपति के कार्यालय के लिए कराची से नेशनल असेंबली के सदस्य और सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उम्मीदवार डॉ आरिफ अलवी को वॉकओवर प्रदान करेगी. खबर के मुताबिक वरिष्ठ पीपीपी नेता चौधरी मंजूर अहमद ने भी इस बात की पुष्टि की चूंकि विपक्षी दलों के कई प्रयासों के बावजूद वे लोग इस मुद्दे पर बने डेडलॉक को तोड़ने में नाकाम रहे थे. इसीलिए उनके पार्टी नेतृत्व ने आखिरकार इस्लामाबाद में सोमवार सुबह (आज) 12 बजे से पहले दस्तावेजों को दाखिल करने की समय सीमा के भीतर ही नामांकन पत्र जमा करने का निर्देश दे दिया है.

इस बात को लेकर पीएमएल-एन का रुख अभी स्पष्ट नहीं
खबर में आगे यह भी बताया गया है कि अभी तक यह बात स्पष्ट नहीं है कि क्या पीएमएल-एन अंततः अपने उम्मीदवार को मैदान में लाएगा या चुनाव प्रक्रिया से दूर रहेगा जैसा कि पीपीपी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए चुनाव के समय किया था जब बाद में उसने पीएमएल-एन अध्यक्ष शाहबाज शरीफ की उम्मीदवारी के समर्थन से इनकार कर दिया था. विपक्ष के सूत्रों ने डॉन से कहा कि पीपीपी और पीएमएल-एन प्रतिनिधियों ने सीधे और मध्यस्थों की मदद से एकमत बनाने के लिए रविवार पूरे दिन एक दूसरे के साथ संपर्क बनाए रखा, लेकिन पीपीपी द्वारा एहसान का नाम वापस लेने से इनकार करने के बाद उनके सभी प्रयास विफल हो गए.

रविवार रात भी हुई चर्चा लेकिन कोई नतीज नहीं निकला
खुर्शीद शाह, नवीन कमर, चौधरी मंजूर और कमर ज़मान कैरा समेत एक पीपीपी प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को देर रात पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर सरदार एयाज सादिक के आवास में पीएमएल-एन नेताओं से मुलाकात की लेकिन बाद में बाहर मौजूद पत्रकारों से बात किए बिना ही चले गए. जिसके बाद पीएमएल-एन के कार्यकारी सचिव जनरल एहसान इकबाल ने मीडिया से कहा कि वे लोग संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार को लाने के सभी प्रयास कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई कि पीपीपी 'लचीलापन' दिखा सकता है. इकबाल ने कहा कि अगर वे संयुक्त उम्मीदवार पर आम सहमति बनाने में विफल रहे तो यह एक 'झटका' होगा और लोकतंत्र के लिए एक बुरा लक्षण होगा. इस दौरान उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए दोनों पक्षों द्वारा चर्चा किए जाने वाले नामों का खुलासा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वे 'गोपनीयता' बनाए रखना चाहते थे.

4 सितंबर को पाकिस्तान में होगा राष्ट्रपति चुनाव
राष्ट्रपति चुनाव के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार, 27 अगस्त तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं जबकि कागजात की जांच 29 अगस्त को की जाएगी. मतदान 4 सितंबर को इस्लामाबाद में संसद भवन और लाहौर, कराची, पेशावर और क्वेटा में प्रांतीय असेंबली की इमारतों में 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा.