आरक्षित सीटों पर चुनाव के बाद इमरान की पार्टी पहुंची 'स्पष्ट बहुमत' के और करीब

अब नेशनल असेंबली में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्यों की संख्या 158 हो चुकी है

आरक्षित सीटों पर चुनाव के बाद इमरान की पार्टी पहुंची 'स्पष्ट बहुमत' के और करीब
60 महिला आरक्षित सीटों में से 28 पर पीटीआई का कब्जा (तस्वीर साभार: Dawn)

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार डॉन के रविवार के अंक में पहले पन्ने पर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की गई एक खबर में बताया गया है कि अब नेशनल असेंबली में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्यों की संख्या 158 हो चुकी है. खबर के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि नौ निर्दलीय सदस्य उनकी पार्टी में शामिल हुए हैं और साथ ही साथ महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीटों में से 33 सीटें पीटीआई के खाते में आई हैं. खबर में आगे यह भी बताया गया है कि भले ही इमरान की पार्टी संख्याबल में अव्वल हो लेकिन विपक्षी एकजुटता उन्हें कड़ी टक्कर देगी.

60 महिला आरक्षित सीटों में से 28 पर पीटीआई का कब्जा
खबर में आगे विस्तार से बताया गया है कि 60 आरक्षित महिला सीटों में से पीटीआई ने 28 सीटों पर कब्जा कर लिया है, इसके बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) 16 सीटें, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) नौ सीटें, मुट्टाहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) दो सीटों और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी), बलूचिस्तान राष्ट्रीय पार्टी (बीएनपी), ग्रैंड डेमोक्रेटिक एलायंस (जीडीए), मुट्टाहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू (पीएमएल-क्यू) को एक-एक सीटें मिली हैं.

विपक्षी एकजुटता की कुल संख्या हुई 151
इसी तरह, अल्पसंख्यकों के लिए 10 आरक्षित सीटों में से, पीटीआई के हिस्से में 5 आई हैं, इसके बाद पीपीपी और पीएमएल-एन को दो-दो और एमएमए को एक सीट मिली है. खबर में आगे बताया गया है कि अगर पीटीआई और उसके सहयोगी दलों के वोट गिने जाते हैं, तो कुल मिलाकर 339 सीटों के सदन में 184 उसके पास हैं. इसके अलावा, चार निर्दलीय, जो चुनाव जीतकर नेशनल असेंबली के सदस्य बने हैं, भी पीटीआई का समर्थन करने के लिए तैयार हैं और इसलिए, पीटीआई और उसके सहयोगियों दलों के सदस्यों की कुल संख्या 188 हो गई है. लेकिन पीटीआई को अभी भी विपक्ष की तरफ से टक्कर मिलने वाली है क्योंकि इसके कट्टर प्रतिद्वंद्वी पीएमएल-एन और उसके सहयोगियों की ताकत भी 151 तक पहुंच चुकी है.

पूर्व विदेश मंत्री हिना खार भी नेशनल असेंबली पहुंचीं 
खबर के मुताबिक आरक्षित सीटों पर नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में अधिसूचित प्रमुख महिलाओं में डॉ. शिरिन मजारी, मुनाजा हसन और पीटीआई की अंदलीब अब्बास हैं; इसके अलावा ताहिरा औरंगजेब, शाइस्ता परवेज, पूर्व सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब, तारिक फतेमी की पत्नी जाहर वदूद फतेमी, ख्वाजा आसिफ की पत्नी मुसरत आसिफ ख्वाजा, पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, पूर्व धार्मिक मामलों की मंत्री शगुफ्ता जुमानी, शाजिया मैरी और पूर्व सीनेटर रूबिना इरफान भी शामिल हैं.

270 सीटों पर ही हुए थे आम चुनाव
खबर में आगे बताया गया है कि नेशनल असेंबली में कुल 342 सीटें हैं, जिनमें 272 सामान्य सीटें, 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित और 10 अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं. 25 जुलाई को हुए चुनाव 270 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए थे क्योंकि एनए-60 रावलपिंडी में मतदान से पहले पीएमएल-एन नेता हनीफ अब्बासी को अयोग्य ठहरा दिया गया था जिसके बाद वहां मतदान स्थगित कर दिया गया था, जबकि एनए-103 (फैसलाबाद) में चुनाव इसलिए रद्द कर दिया गया था क्योंकि वहां एक उम्मीदवार की मौत हो गई थी.

इमरान को मिला है इनका साथ
खबर के मुताबिक जिन पार्टियों ने या तो पीटीआई को अपना समर्थन घोषित कर दिया है या जिनके पीटीआई उम्मीदवारों के लिए मतदान करने की उम्मीद है, उनमें सात सीटों के साथ एमक्यूएम; पांच सीटों के साथ पीएमएल-क्यू और बीएपी; बीएनपी (चार सीटें); जीडीए (तीन); और अवामी मुस्लिम लीग और जमहौरी वतन पार्टी (प्रत्येक एक सीट के साथ) शामिल हैं. इनके अलावा, 9 निर्दलीय भी पीटीआई में शामिल हो गए हैं. चार निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी स्थिति स्वतंत्र बनाए रखने का फैसला किया है, हालांकि उनके भी पीटीआई के लिए मतदान करने की उम्मीद है. इसलिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवारों के 151 मतों के खिलाफ सभी चुनावों में पीटीआई उम्मीदवारों को 180 वोट मिलना चाहिए. 82 सीटों के साथ पीएमएल-एन विपक्षी दल में सबसे बड़ी पार्टी है, इसके बाद पीपीपी (53 सीटें) एमएमए (15 सीटें) और एएनपी (एक सीट) हैं.