PAK: इमरान खान को मामूली बढ़त, सत्‍ता की चाबी लेकिन शरीफ के दबदबे वाले पंजाब के पास

इस सर्वे के मुताबिक पंजाब प्रांत से ताल्‍लुक रखने वाले 14 प्रतिशत लोगों ने अपना कोई मत जाहिर नहीं किया.

PAK: इमरान खान को मामूली बढ़त, सत्‍ता की चाबी लेकिन शरीफ के दबदबे वाले पंजाब के पास
क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान पीटीआई के नेता हैं.(फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान में 25 जुलाई को होने जा रहे चुनाव के मद्देनजर बुधवार को जारी हुए एक ओपिनियन सर्वे में क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को बाकी दलों पर मामूली बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. इसके बाद दूसरे नंबर पर नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को माना जा रहा है. इन्‍हीं दोनों दलों के बीच इस बार कांटे का मुकाबला माना जा रहा है.

लेकिन इस सर्वे के मुताबिक पंजाब प्रांत से ताल्‍लुक रखने वाले 14 प्रतिशत लोगों ने अपना कोई मत जाहिर नहीं किया. विश्‍लेषकों के मुताबिक वोटरों के इसी समूह के पास ही 2018 के आम चुनावों की वास्‍तविक चाबी मानी जा रही है. ऐसा इसलिए भी क्‍योंकि पंजाब, पीएमएल-एन का गढ़ माना जाता है. इस बार नवाज शरीफ के जेल के बाद इस पार्टी के नेता शहबाज शरीफ हैं जो पंजाब के लंबे समय तक मुख्‍यमंत्री रहे हैं. दूसरी बड़ी बात यह है कि पंजाब प्रांत में ही नेशनल असेंबली की सबसे ज्‍यादा सीटें हैं.

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इस सर्वे को पाकिस्‍तान के सम्‍मानित थिंक टैंक सस्‍टेनेबल डेवलपमेंट पॉलिसी इंस्‍टीट्यूट (एसडीपीआई) ने डॉन अखबार ग्रुप की हेराल्‍ड मैगजीन के साथ मिलकर किया है. इस सर्वे का अनुमान मई में गैलप और पल्‍स कंसल्‍टेंट के नतीजों के अनुरूप ही हैं. इन दोनों ही सर्वे का अनुमान यही है कि प्रथम दृष्‍टया इमरान खान को मामूली बढ़त है लेकिन पंजाब के ऐसे मतदाताओं जिन्‍होंने अभी तक अपना मन नहीं बनाया है, उन्‍हीं के पास सत्‍ता की चाबी है.

पंजाब प्रांत
पंजाब प्रांत की आबादी 10 करोड़ से ज्‍यादा है. नेशनल असेंबली की कुल 272 सीटों में से 141 सीटें देश के सबसे सघन आबादी वाले राज्य पंजाब से आती हैं. राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सैयद फारूक हसनत के मुताबिक, ''जिस किसी को पंजाब में ज्यादा सीटें मिलेंगी वह केंद्र में सरकार बनाएगा.'' 2013 में हुए चुनावों में पीएमएल-एन को पंजाब में भारी जीत मिली थी लेकिन इस बार पीएमएल-एन और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच कड़ी टक्कर है. हसनत ने कहा, ''मेरा मानना है कि पंजाब में पीटीआई अभी पीएमएल - एन से आगे है , कितना आगे है यह 25 जुलाई को पता चलेगा.'' पाकिस्तान में पुख्ता गठबंधन सरकार बनाने के लिये पीटीआई को कम से कम 110 नेशनल असेंबली सीटों की जरूरत है. सरकार बनाने के लिये किसी पार्टी को करीब 140 सीटों की जरूरत है.

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हसनत ने कहा, ‘‘यह बताना आसान है कि पंजाब के दक्षिणी हिस्से में पीटीआई आगे है जिसमें 46 एनए सीटे हैं लेकिन मध्य और उत्तरी पंजाब प्रांत में पीएमएल-एन और पीटीआई के बीच कड़ा मुकाबला है.''इस इलाके में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी को 2013 के चुनावों में महज दो सीटों पर ही यहां जीत हासिल की थी और इस बार भी वह दृश्य में नजर नहीं आ रही.

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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएमएल-एन के केंद्रीय सूचना सचिव सीनेटर मुसाहिदुल्लाह खान ने बताया कि जो लोग सोचते हैं कि पंजाब में पीएमएल-एन को मिटाया जा सकता है वे भ्रम में जी रहे हैं. पीटीआई के वरिष्ठ नेता शफाकत महमूद मुसाहिदुल्लाह के दावों से इत्तेफाक नहीं रखते. उन्‍होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर किये गए किसी भी सर्वेक्षण में पीएमएल - एन को बुधवार को होने वाले चुनावों के लिये वोटरों की पसंदीदा पार्टी नहीं बताया है.

(इनपुट: एजेंसी भाषा के साथ)