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नवाज शरीफ के भतीजे ने इमरान को बताया 'कठपुतली PM', जानिए क्या है वजह

‘डॉन’ अखबार ने हमजा के हवाले से कहा, ‘‘ यदि यह साबित हो जाए कि मैं भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल था तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.’’

नवाज शरीफ के भतीजे ने इमरान को बताया 'कठपुतली PM', जानिए क्या है वजह
.(फाइल फोटो)

लाहौर: पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हमजा शहबाज को भ्रष्टाचार निरोधक संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के अधिकारियों ने मंगलवार को धनशोधन और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में लाहौर उच्च न्यायालय परिसर के बाहर गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी तब हुई जब लाहौर उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने हमजा (44) की ओर से दाखिल जमानत अर्जियां खारिज कर दी. हमजा के वकील की ओर से भ्रष्टाचार के दो मामलों में अर्जियां वापस लेने पर अदालत ने उन्हें खारिज कर दिया.

एनएबी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) के उपाध्यक्ष हमजा के खिलाफ रमजान चीनी मिल, साफ पानी परियोजना और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच कर रही है. उन पर अपने सहयोगियों के जरिए धनशोधन कराने का आरोप है. उनके सहयोगी पहले ही एनएबी की हिरासत में हैं.

भ्रष्टाचार के मामलों में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई, पीएमएल-एन के अध्यक्ष एवं संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में नेता प्रतिपक्ष शहबाज शरीफ के बेटे हमजा ने अपनी गिरफ्तारी से पहले पत्रकारों से कहा कि ‘‘कठपुतली प्रधानमंत्री (इमरान) खान’’ की बदले की कार्रवाई करने वाली सरकार उनके खिलाफ ‘‘एक रुपए का भ्रष्टाचार’’ भी साबित नहीं कर सकती.

‘डॉन’ अखबार ने हमजा के हवाले से कहा, ‘‘ यदि यह साबित हो जाए कि मैं भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल था तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.’’ पीएमएल-एन के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर लाहौर के मॉल रोड को जाम कर दिया और हमजा की गिरफ्तारी का विरोध किया.

अदालत के बाहर पुलिस और पार्टी समर्थकों के बीच झड़प भी हुई. एनएबी की ओर से इस्लामाबाद में पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हमजा को गिरफ्तार किया गया है. जरदारी को फर्जी बैंक खाता केस में गिरफ्तार किया गया है.

विपक्ष का कहना है कि इसके शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर उसे सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर नाकाम हुई है और पाकिस्तानियों की जिंदगी बदहाल बना रही है.विदेशों में संपत्ति रखने को लेकर दो ‘ईमानदार’ जजों के खिलाफ रेफरेंस भेजने पर वकील भी सरकार के खिलाफ अभियान शुरू करने की तैयारी में हैं.

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सरकार की कार्रवाई के खिलाफ 14 जून को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.