तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान ने नहीं की कार्रवाई तो US एकतरफा कदम उठाएगा: अब्बासी से बोले माइक पेंस

उप राष्ट्रपति पेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध को दोहराया कि पाकिस्तान सरकार कोअपने देश में सक्रिय तालिबान, हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकी समूहों की समस्या से निपटने के लिए और काम करना होगा.

तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान ने नहीं की कार्रवाई तो US एकतरफा कदम उठाएगा: अब्बासी से बोले माइक पेंस

वॉशिंगटन: अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी को सख्त लहजे में कहा है कि उनके देश को तालिबान और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ‘‘ और कदम उठाने होंगे.’’ व्हाइट हाउस ने रविवार (18 मार्च) को यह जानकारी दी. अब्बासी अपनी बीमार बहन को देखने के लिए यहां निजी दौरे पर आए हुए हैं. इसी दौरान अब्बासी ने शुक्रवार (16 मार्च) को पेंस से उनके नेवल ऑब्जर्वेटरी आवास पर मुलाकात की. यह बैठक अब्बासी के अनुरोध पर हुई.

व्हाइट हाउस की ओर से बैठक के संबंध में जारी एक वक्तव्य में कहा गया, ‘‘उप राष्ट्रपति पेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध को दोहराया कि पाकिस्तान सरकार कोअपने देश में सक्रिय तालिबान, हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकी समूहों की समस्या से निपटने के लिए और काम करना होगा.’’ इसमें कहा गया, ‘‘उप राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालने वाले आतंकी समूहों को खत्म करने के उनके प्रयास जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ मिलकर काम कर सकता है और उसे ऐसा करना चाहिए.’’

डॉन अखबार के मुताबिक पेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से कहा है कि पाकिस्तान की ओर से संतोषजनक आतंक निरोधी कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में ट्रंप प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर सकता है. यह मुलाकात 30 मिनट तक चली. डॉन के मुताबिक पेंस ने सीमा पार हमलों को रोकने के लिए पाकिस्तान से तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत पर बल दिया.

UNSC ने तालिबान से कहा, बिना शर्त या हिंसा की धमकी के वार्ता करो

वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सीधी बातचीत के लिए तालिबान को अफगानिस्तान की पेशकश का स्वागत करते हुए आतंकी समूह से आग्रह किया है कि वह किसी पूर्व शर्त या हिंसा की धमकी के बिना शांति वार्ता में शामिल हो. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने 28 फरवरी को तालिबान के साथ खुली बातचीत की एक योजना पेश की थी जिसमें तालिबान को अंतत: एक राजनीतिक पार्टी के रूप में स्वीकार किया गया था. यह पेशकश अमेरिका के सीधी वार्ता के तालिबान के आह्वान के कुछ ही दिन बाद दी गई.

शांति वार्ता की पेशकश का स्वागत करते हुए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष नीदरलैंड के कारेल जान गुस्ताफ वान उस्तेरोम ने‘ अफगानिस्तान में शांति एवं सुरक्षा सहयोग के लिए काबुल प्रक्रिया’ की पिछले महीने की दूसरी बैठक और उसके भागीदारों की सहमति से जारी घोषणा का स्वागत किया.

(इनपुट एजेंसी से भी)