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पाकिस्तान: ईसाई दंपती को जिंदा जलाने वाले 20 आरोपियों को राहत, अदालत ने किया बरी

पाकिस्तान की एक अदालत ने एक ईसाई व्यक्ति और उसकी गर्भवती पत्नी को जिंदा जला कर मार डालने के आरोपी 20 लेगों को बरी कर दिया है. 

पाकिस्तान: ईसाई दंपती को जिंदा जलाने वाले 20 आरोपियों को राहत, अदालत ने किया बरी
लाहौर की एक आतंक रोधी अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए 20 संदिग्धों को बरी कर दिया..(प्रतीकात्मक तस्वीर)

लाहौर: पाकिस्तान की एक अदालत ने एक ईसाई व्यक्ति और उसकी गर्भवती पत्नी को जिंदा जला कर मार डालने के आरोपी 20 लेगों को बरी कर दिया है. गौरतलब है 2014 में लाहौर के बाहरी इलाके में ईशनिंदा करने को लेकर इस ईसाई दंपती की हत्या कर दी गई थी. कोट राधा किशन इलाके में एक ईंट भट्टे में शहजाद मसीह और उनकी पत्नी शमा मजदूर के तौर पर काम करते थे. नवंबर 2014 में कुरान को अपवित्र करने के आरोप में करीब 1000 लोगों की भीड़ ने उन्हें पीटा और जिंदा जला दिया.

एक स्थानीय धर्मगुरू ने कथित तौर पर ग्रामीणों को उकसाया था. दंपती को निर्ममता से प्रताड़ित किया गया और भीड़ ने उन्हें भट्ठे में फेंक दिया. पुलिस ने इस मामले में दर्जनों ग्रामीणों को गिरफ्तार किया था और 2016 में एक निचली अदालत ने एक मौलवी सहित पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई थी जबकि 10 अन्य को विभिन्न अवधि की जेल की सजा सुनाई थी. लाहौर की एक आतंक रोधी अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए 20 संदिग्धों को बरी कर दिया.

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में ईसाई गर्भवती महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया

आपको बता दें कि 2014 में पाकिस्तान में 28 साल की ईसाई गर्भवती महिला को कथित रूप से निर्वस्त्र कर घुमाया गया था. क्योंकि वह अपने नियोक्ता के आशानुरूप काम नहीं कर रही थी. पीड़िता पंजाब प्रांत के शेखपुरा जिले के क्रिश्चन कालोनी राणा टाउन की रहने वाली है. वह घरेलू नौकरानी के रूप में काम करती थी.

पीड़िता का दावा है कि नियोक्ता के आशानुरूप काम नहीं करने पर उसे करीब आधे घंटे तक निर्वस्त्र कर घुमाया गया था. उसका कहना है कि नियोक्ता का बेटा उसे बाहर खींच ले गया और अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर उसके कपड़े फाड़ डाले. महिला का कहना था कि आरोपी उसे निर्वस्त्र कर सड़क किनारे छोड़ गए जहां एक बुजुर्ग महिला ने उसे कपड़े दिए.

बाद में महिला के रिश्तेदारों ने उसे अस्पताल पहुंचाया था. अपने पति और अन्य ईसाई नेताओं के साथ आयी पीड़िता ने कहा था कि , ‘मैं दो माह की गर्भवती थी और हादसे में मैंने अपना बच्चा खो दिया.  पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है.  यदि मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी.’

पीड़िता के पति ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में मेरी पत्नी के शरीर पर जख्म के पांच निशान मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया गया था. हालांकि पुलिस ने पीड़िता की मांग के अनुरूप प्राथमिकी में आतंकवादी गतिविधियों संबंधी धारा जोड़ने से इनकार कर दिया था. 

इनपुट भाषा से भी