परवेज मुशर्रफ को दोषी पाए जाने पर हो सकती है फांसी, जानिए क्या है मामला

परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन न्यायाधीशों वाली विशेष अदालत अगले महीने की शुरुआत में इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू करेगी.

परवेज मुशर्रफ को दोषी पाए जाने पर हो सकती है फांसी, जानिए क्या है मामला
74 वर्षीय मुशर्रफ पर तीन नवंबर, 2007 को संविधान को पलटने का मुकदमा चल रहा है.

इस्लामाबाद: पूर्व सैन्य शासक और तानाशाह परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन न्यायाधीशों वाली विशेष अदालत अगले महीने की शुरुआत में इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू करेगी. मीडिया में आई एक खबर में शनिवार(30 जून) को यह जानकारी दी गई. चिकित्सीय आधार पर देश छोड़कर मार्च 2016 से दुबई में रह रहे 74 वर्षीय मुशर्रफ पर तीन नवंबर, 2007 को संविधान को पलटने का मुकदमा चल रहा है.

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ समाचारपत्र की खबर के मुताबिक विशेष अदालत की अध्यक्षता कर रहे लाहौर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश यावर अली देशद्रोह मामले की सुनवाई करने के लिए दो जुलाई से चार जुलाई तक इस्लामाबाद/ रावलपिंडी में रहेंगे. खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस मामले में सुनवाई पहले ही शुरू होनी थी लेकिन विशेष अदालत के एक सदस्य के देश से बाहर होने के कारण ऐसा नहीं हो सका.

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2013 में तत्कालीन पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल - एन) सरकार के आग्रह पर एक विशेष अदालत का गठन किया था लेकिन इसके पूर्व अध्यक्ष और पेशावर हाईकोर्ट के प्रमुख न्यायाधीश यहिया अफरीदी के 29 मार्च को मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेने के बाद इसका पुनर्गठन करना पड़ा था.

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दो साल से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे मुशर्रफ को उनकी अयोग्यता को लेकर तलब किया था लेकिन उनके नहीं लौटने पर शीर्ष अदालत ने 25 जुलाई को होने वाले आम चुनावों में उनके भाग लेने पर रोक लगा दी . देशद्रोह के मामले में दोषी पाए जाने पर सजा- ए- मौत या उम्रकैद की सजा हो सकती है. 

परवेज मुशर्रफ पर नई आफत, कोर्ट के आदेश पर सस्पेंड हुआ राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट
पाकिस्तानी प्रशासन ने पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट को निलंबित कर दिया है. प्रशासन ने यह कदम मुशर्रफ के खिलाफ राष्ट्रद्रोह मामले की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत के आदेश पर उठाया. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. 74 वर्षीय मुशर्रफ को वर्ष 2007 में देश में आपातकाल लगाने के लिए मार्च 2014 में राष्ट्रद्रोह के आरोपों में दोषी करार दिया गया था. देश में आपातकाल लगाने के बाद कई वरिष्ठ न्यायाधीशों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया था और 100 से अधिक जजों को बर्खास्त कर दिया गया था.

पूर्व राष्ट्रपति 18 मार्च 2016 को चिकित्सा उपचार के लिए दुबई चले गए थे. कुछ महीने बाद, विशेष अदालत ने उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था और साथ ही मामले में उनके पेश नहीं होने के कारण उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश भी दिया था.

इनपुट भाषा से भी