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पाकिस्तान: ईसाई दंपति की हत्या के मामले में 3 का मृत्युदंड बरकरार, मौलवी समेत 2 किए गए बरी

लाहौर में ईशनिंदा के आरोपी एक ईसाई दंपति को जिंदा जला दिये जाने के मामले में तीन व्यक्तियों की मौत की सजा बरकरार रखी और एक मौलवी समेत दो अन्य को बरी कर दिया.

पाकिस्तान: ईसाई दंपति की हत्या के मामले में 3 का मृत्युदंड बरकरार, मौलवी समेत 2 किए गए बरी
.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

लाहौर: पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने लाहौर में ईशनिंदा के आरोपी एक ईसाई दंपति को जिंदा जला दिये जाने के मामले में तीन व्यक्तियों की मौत की सजा बरकरार रखी और एक मौलवी समेत दो अन्य को बरी कर दिया. नवंबर 2014 में लाहौर के बाहरी इलाके में ईंट भट्टा के मालिक की अगुवाई में करीब 1000 लोगों की भीड़ ने शाहजाद मासिह और उसकी गर्भवती पत्नी शमा की नृशंस हत्या कर दी थी. उन पर ईशनिंदा का आरोप था . वे ईंट के भट्टा पर मजदूरी करते थे. नवंबर, 2016 में आतंकवाद निरोधक अदालत ने मौलवी हाफिज इश्तियाक समेत पांच संदिग्धों को मौत की सजा सुनायी थी.

मार्च, 2018 में इसी अदालत ने ईसाई दंपति को जिंदा जला मारने के 20 अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था. बृहस्पतिवार को लाहौर उच्च न्यायालय ने अभियुक्तों -- मौलवी इश्तियाक और मोहम्मद हनीफ को बरी कर दिया जबकि तीन अन्य मुजरिमों-- मेहदी खान, रियाज कांबो और इरफान शकूर की मौत की सजा बरकरार रखी.

इश्तियाक ने उस समय इलाके की मस्जिद से ग्रामीणों को ईसाई दंपति के खिलाफ कथित रूप से उकसाया था. इस दंपति के साथ बुरी तरह मारपीट की गयी और भीड़ ने दोनों मियां-बीवी को ईंट के जलते भट्टे में झोंक दिया था.