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अपने ही देश में फंस गए इमरान! फजलुर रहमान ने कहा- कुर्सी छोड़ दो, वरना...

मौलाना फजल ने कहा कि इमरान खान की सेलेक्टेड सरकार को हटाकर नए निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए. यही उनकी मांग है और इसके पूरा होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

अपने ही देश में फंस गए इमरान! फजलुर रहमान ने कहा- कुर्सी छोड़ दो, वरना...

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विपक्षी दल जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा है कि वह इमरान सरकार को हटाने की अपनी मुहिम में न तो कोई धरना देंगे और न ही शहरों की घेराबंदी करेंगे. उनका आंदोलन नई-नई रणनीतियों के साथ तब तक जारी रहेगा जब तक प्रधानमंत्री इमरान खान की 'सेलेक्टेड सरकार' (जनता द्वारा सही तरीके से निर्वाचित न होकर सेना जैसे सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा चयनित) इस्तीफा नहीं दे देगी. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार मौलाना फजल ने यह बात विदेशी संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कही.

लेकिन, मीडिया में ही प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि जेयूआई-एफ ने अपने सदस्यों को जिस मात्रा में खाने-पीने की चीजें व अन्य सामानों के साथ आने का निर्देश दिया है, उससे लगता है कि पार्टी लंबे समय तक धरना देने के मूड में है.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौलाना फजल ने कहा कि इमरान खान की सेलेक्टेड सरकार को हटाकर नए निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए. यही उनकी मांग है और इसके पूरा होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा जोकि शांतिपूर्ण होगा.

जेयूआई-एफ का आजादी मार्च 27 अक्टूबर से देश के अलग-अलग हिस्सों में शुरू होगा और 31 अक्टूबर को राजधानी इस्लामाबाद में प्रवेश करेगा. फजलुर रहमान ने कहा, "हमें उम्मीद है कि हम दस लाख प्रदर्शनकारियों के साथ इस्लामाबाद पहुंचेंगे. अगर हम इस्लामाबाद पहुंचने में सफल रहे तो हमारी कार्ययोजना अलग होगी और अगर हमें इस्लामाबाद में प्रवेश करने से रोका गया तो फिर हमारा मार्च जेल भरो आंदोलन में बदल जाएगा."

उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन संविधान के दायरे में होगा. वे लोग सरकार को हटाने के लिए न तो धरना देंगे और न ही शहरों का घेराव करेंगे, जैसा कि इमरान खान ने विपक्ष में रहने के दौरान नवाज शरीफ सरकार के खिलाफ किया था. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी एजेंसी से टकराव का कोई इरादा नहीं है.

उन्होंने देश के संस्थानों से निष्पक्ष रहने का आग्रह करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान को सरकार का अंध समर्थन नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी ने रिकार्ड तोड़ दिया है. इमरान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है.