जमात और हक्कानी नेटवर्क पर पाक के प्रतिबंध की कोई पुष्टि नहीं: अमेरिका

अमेरिका ने हिंसक चरमपंथ के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा उठाए जा रहे कदमों को स्वीकार किया है लेकिन साथ ही कहा है कि उसे पाक द्वारा हाफिज सईद की अगुवाई वाले जमात-उद-दावा और खतरनाक हक्कानी नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए जाने की उसके पास कोई ठोस जानकारी नहीं है।

वाशिंगटन : अमेरिका ने हिंसक चरमपंथ के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा उठाए जा रहे कदमों को स्वीकार किया है लेकिन साथ ही कहा है कि उसे पाक द्वारा हाफिज सईद की अगुवाई वाले जमात-उद-दावा और खतरनाक हक्कानी नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए जाने की उसके पास कोई ठोस जानकारी नहीं है।

पाकिस्तान द्वारा दोनों आतंकवादी संगठनों पर कथित तौर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेन साकी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि पाकिस्तान राष्ट्रीय कार्रवाई योजना समेत चरमपंथी हिंसा को रोकने के लिए कदमों को लागू करने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। हमारे पास विशेष कदमों के बारे में कोई पुष्टि नहीं है। काफी अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहे पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और खतरनाक हक्कानी नेटवर्क के साथ अन्य आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया है और साल 2008 के मुंबई हमले के मुख्य सरगना के विदेश यात्रा करने पर भी रोक लगा दी है। हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर जबर्दस्त अमेरिकी दबाव के बीच प्रतिबंध लगाये जाने पर पाकिस्तानी विदेश कार्यालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा कि पाकिस्तान ने यह फैसला संयुक्त राष्ट्र दायित्वों के तहत किया और जॉन केरी (अमेरिकी विदेश मंत्री) समेत किसी अन्य हलके से दबाव के तहत ऐसा नहीं किया है।

साकी ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार ने निजी बातचीत और सार्वजनिक बयानों में साफ कर दिया है कि पाकिस्तान में सभी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कदम उठाना पाकिस्तान के अपने हित में है और साफ तौर पर ऐसे समूहों के बीच कोई भेद नहीं करना है। साकी ने कहा कि हम इस प्रतिबद्धता का समर्थन करते हैं और मानते हैं कि यह आतंकवाद का निवारण करने और पेशावर के स्कूल में कुछ हफ्ते पहले जिस तरह का खौफनाक हमला हुआ उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।