धुएं से ढंका बेरुत बंदरगाह, लेबनान में दहशत

बेरुत फायर ब्रिगेड (Beirut Fire Brigade) के मुख्य सूचना अधिकारी अली नज्म ने कहा कि टीमें बंदरगाह पर रखे उत्पादों को हटाने का प्रयास कर रही हैं, जिससे सफेद धुंआ पैदा हो रहा है जबकि स्थिति नियंत्रण में है.

धुएं से ढंका बेरुत बंदरगाह, लेबनान में दहशत
फाइल फोटो

बेरुत: धुएं के गुबार ने बेरुत बंदरगाह (Beirut Port) को पूरी तरह से ढंक लिया है, जिससे लेबनान (Lebanon) की राजधानी के निवासियों में दहशत फैल गई. सूत्रों के हवाले से, धुंए ने बंदरगाह को ढंक दिया, जहां 10 सितंबर, रात एक बड़ी आग लग गई थी.

सिविल डिफेंस टीमें तैनात 
सिविल डिफेंस टीमें आग लगने के बाद से पिछले दो दिनों से बंदरगाह पर रह रही हैं, क्योंकि आग बंदरगाह के ड्यूटी फ्री (बिना टैक्स वाले) गोदाम में खाद्य उत्पादों, तेल, टायर, सौंदर्य उत्पाद, कपड़े, जूते, घरेलू उपकरण और बिजली के उपकरण को नष्ट कर रही है.

1.5 करोड़ डॉलर का नुकसान 
बेरुत फायर ब्रिगेड के मुख्य सूचना अधिकारी अली नज्म ने कहा कि टीमें बंदरगाह पर रखे उत्पादों को हटाने का प्रयास कर रही हैं, जिससे सफेद धुंआ पैदा हो रहा है जबकि स्थिति नियंत्रण में है. आग के कारण 1.5 करोड़ डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है.

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बड़ा हिस्सा आग में जलकर नष्ट
लेबनान रेड क्रॉस (LRC) की प्रवक्ता रोना हलाबी (Rona Halabi) ने उल्लेख किया कि लेबनान और सीरिया में गरीब परिवारों को वितरित किए जाने वाले उत्पादों का एक बड़ा हिस्सा आग में जलकर नष्ट हो गया.

बंदरगाह पर 4 अगस्त को हुए विस्फोट 
बेरुत का बंदरगाह उत्पादों को संग्रहीत करने के लिए एलआरसी (LRC) द्वारा इस्तेमाल उपयोग की जाने वाली एक महत्वपूर्ण सुविधा है. इससे पहले, बंदरगाह पर 4 अगस्त को हुए विस्फोट में 190 लोगों की जान चली गई थी, हजारों लोग घायल हो गए थे और लगभग 300,000 बेघर हो गए.

2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट
बंदरगाह के एक गोदाम में रखे 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट (ammonium nitrate) के कारण विस्फोट हुआ था. आग लगने की वजह के बारे में पता नहीं चल पाया है और जांच अभी भी जारी है. (इनपुट आईएएनएस) 

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