पाकिस्तान: चुनाव आयोग के इस कदम से सियासी दल हो गए नाराज, जानिए क्या है वजह

 पाकिस्तान के चुनाव आयोग के एक हालिया आदेश की प्रमुख सियासी दलों ने आलोचना की है.

पाकिस्तान: चुनाव आयोग के इस कदम से सियासी दल हो गए नाराज, जानिए क्या है वजह
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के आदेश को सियासी दलों ने अनावश्यक बताया है.(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के चुनाव आयोग के एक हालिया आदेश की प्रमुख सियासी दलों ने आलोचना की है. दरअसल, आयोग ने कहा था कि देशभर में महिला मतदान केंद्रों पर महिला पोलिंग एजेंट की ही तैनाती की इजाजत दी जाएगी. बुधवार 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव से पहले जारी पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के आदेश को सियासी दलों ने अनावश्यक बताया है. पाकिस्तान में 4.67 करोड़ पंजीकृत महिला मतदाता हैं.  तीन मुख्य सियासी दलों पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल - एन) और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) ने आयोग के आदेश के समय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस तरह के गैरजरूरी कदमों से निर्वाचन प्रक्रिया विवादित होती है. 

पीपीपी के महासचिव फरहतुल्लाह खान बाबर ने कल कहा कि इस हालिया आदेश का उद्देश्य महिला मतदान केंद्रों को पूरी तरह से चुनाव अधिकारियों के भरोसे छोड़ देना है , ताकि सियासी दलों के प्रतिनिधि आवश्यक निगरानी भी नहीं रख सकें.  

पाकिस्तान में थमा चुनाव प्रचार, नवाज और इमरान की पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला
 पाकिस्तान में बुधवार को होने वाले आम चुनाव के लिए दो महीने से चल रहा प्रचार का दौर सोमवार मध्यरात्रि को समाप्त हो गया. इसके मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और नेता जनसभाओं, नुक्कड़ सभाओं और घर-घर जाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की आखिरी कोशिशों में लगे रहे. इसमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पीएमएल-एन और क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी पीटीआई के बीच 25 जुलाई के चुनाव में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है. 

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12 हजार उम्‍मीदवार मैदान में
हालांकि पाकिस्तान में आम चुनाव को लेकर मतदाताओं में बहुत अधिक उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है और सुरक्षा की स्थिति भी तनावपूर्ण बनी हुई है. पाकिस्तान के कई कट्टर मौलवियों सहित 12,570 से अधिक उम्मीदवार संसद और चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनावी मैदान में हैं. नेशनल असेंबली के लिए 3,675 और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए 8,895 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने कहा है कि नियमों के मुताबिक प्रचार अभियान सोमवार मध्यरात्रि तक खत्म हो जाना चाहिए ताकि मतदाताओं को सोच-विचार का समय मिले और वह 25 जुलाई को होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की तैयारी कर सकें. 

लगेगा जुर्माना
इस समय सीमा के बाद कोई भी उम्मीदवार या पार्टी नेता जनसभाओं या नुक्कड़ सभाओं को संबोधित नहीं कर सकेगा और ना ही रैली निकाल सकेगा. चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया भी राजनीतिक विज्ञापनों के प्रसारण और प्रकाशन से परहेज करेंगे. आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को दो साल तक की जेल की सजा या एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. पूर्व के चुनावों के मुकाबले इस बार चुनाव प्रचार को लेकर मतदाताओं में बहुत अधिक उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है.

इनपुट भाषा से भी