डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर इस राज्य ने लगाई अदालत से गुहार, ‘अब खत्म करें’

पेंसिल्वेनिया ने अदालत से कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के मुकदमे को खारिज किया जाना चाहिए, ताकि देश के लिए जरूरी दूसरे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके.    

डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों पर इस राज्य ने लगाई अदालत से गुहार, ‘अब खत्म करें’
फाइल फोटो

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की जिद से हर कोई आजिज आ गया है. पेंसिल्वेनिया (Pennsylvania) ने अदालत से से गुहार लगाई है कि ट्रंप की तरफ से दायर मुकदमे को खत्म किया जाए, ताकि असल मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके. पेंसिल्वेनिया के वकील ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ट्रंप के दावे आधारहीन हैं, लिहाजा उनके मुकदमे को खारिज किया जाना चाहिए. 

जीत को दी है चुनौती
डोनाल्ड ट्रंप ने पेंसिल्वेनिया में जो बाइडेन (Joe Biden) की जीत को चुनौती दी है. उन्होंने बाइडेन को जीत का प्रमाणपत्र प्रदान करने से रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था. मामले की सुनवाई के दौरान पेंसिल्वेनिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कानूनी संघर्ष खत्म करने का समय अब आ गया है, ताकि देश के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दिया जा सके.   

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राष्ट्रव्यापी धोखाधड़ी हुई है
संघीय अदालत में सुनवाई के दौरान ट्रंप के वकील रूडी गिउलिआनी (Rudy Giuliani) ने अमेरिकी जिला न्यायाधीश मैथ्यू ब्रान (Matthew Brann) से कहा कि 3 नवंबर के चुनाव में व्यापक, राष्ट्रव्यापी धोखाधड़ी हुई है और राष्ट्रपति ट्रंप ने भी यह दावा किया है. हालांकि, वह इसके संबंध में कोई सबूत पेश नहीं कर सके. जिस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पेंसिल्वेनिया के वकील मार्क एरॉनिक ने अदालत से मामले को खत्म करने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस कानूनी संघर्ष को अब यहीं समाप्त किया जाना चाहिए. 

काल्पनिक दुनिया में जी रहे हैं
डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी नतीजे सामने आने के बाद कई राज्यों में अदालत का दरवाजा खटखटाया है. विभिन्न पेंसिल्वेनिया काउंटियों का प्रतिनिधित्व करने वाले मार्क एरॉनिक ने कहा कि ट्रंप के वकील रूडी काल्पनिक दुनिया में जी रहे हैं. क्योंकि उन्हें लगता है कि चुनावों में धांधली की गई. जबकि ऐसी कोई बात नहीं है. बता दें कि शुरुआत में ट्रंप कैंपेन की तरफ से दावा किया गया था कि रिपब्लिकन पर्यवेक्षकों को मतगणना कक्ष तक पहुंच से वंचित रखा गया. लेकिन रविवार को कहा गया कि कुछ मतदाताओं को अनुचित तरीके से मतपत्रों को ठीक करने की अनुमति दी गई थी, जो कि तकनीकी त्रुटियों के कारण अस्वीकार कर दिए गए थे.

आरोप, लेकिन सबूत नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, 20 जनवरी को पदभार ग्रहण करने वाले जो बाइडेन पेंसिल्वेनिया में 70,000 से अधिक मतों से जीते हैं. उन्हें कुल 49.9% वोट मिले हैं जबकि ट्रंप को 48.8%. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि चुनावों में धांधली के चलते उनके वोट कम दर्शाए गए हैं. हालांकि, ये बात अलग है कि वो अब तक धांधली से जुड़ा कोई सबूत पेश नहीं कर सके हैं. यही वजह है कि अदालत में उनका पक्ष कमजोर पड़ता जा रहा है. उनके अपने वकील भी यह मानते हैं कि बिना सबूत से कानूनी लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.
 

 

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