Japan में 10 साल में दोगुनी हुई मुस्लिम आबादी, स्थानीय लोगों में बेचैनी का आलम

जापान (Japan) में बढ़ते इस्लामीकरण से वहां की बहुसंख्यक बौद्ध आबादी में बेचैनी बढ़ती जा रही है. आलम ये है कि पिछले 10 साल में जापान में मुस्लिम  (Muslims) आबादी बढ़कर दोगुनीहो चुकी है. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Jan 13, 2021, 18:05 PM IST

टोक्यो: जापान (Japan) में मुस्लिमों (Muslims) की आबादी पिछले 10 सालों में बढ़कर करीब दोगुनी हो गई है. इनमें बाहर से आए मुस्लिमों के साथ ही धर्मांतरण के जरिए मजहब बदलने वाले जापानी भी शामिल हैं. मुस्लिमों की तादाद बढ़ने से अब जापान के समाज में अजीब तरह की कसमसाहट देखी जा रही है. 

 

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दस साल में दोगुनी हो गई मुस्लिमों की संख्या

 Number of Muslims doubled in ten years

Economist.Com के मुताबिक जापान (Japan) की वसेडा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तनाडा हिरोफुमी ने रिसर्च करके रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक 2010 में जापान में मुस्लिमों की आबादी करीब 1 लाख 10 हजार थी, लेकिन 2019 में बढ़कर 2 लाख 30 हजार हो गई. इनमें 50 हजार जापानी लोग भी शामिल हैं जो धर्म बदलकर मुस्लिम बने हैं.

 

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मस्जिदों की संख्या 24 से बढ़कर 110 हुई

Number of mosques increased from 24 to 110

मुस्लिमों ( Muslims) की संख्या बढ़ने की वजह से जापान में मस्जिदों की संख्या बढ़कर 110 से ज्यादा हो गई है. जबकि 2001 में यह संख्या केवल 24 थी. बीप्पू मुस्लिम एसोसिएशन के प्रमुख अब्बास खान जापान में मस्जिदों की संख्या बढ़ने का स्वागत करते हैं. वे कहते हैं कि मस्जिदों की संख्या बढ़ने के बावजूद मुस्लिमों को अब भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 

 

 

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कब्रिस्तानों की मांग का विरोध कर रहे हैं जापानी

Japanese are opposing the demand for cemeteries

जापान में मुसलमानों (Muslims) की संख्या बढ़ने पर वहां के बहुसंख्यक बौद्ध समाज से उनका वैचारिक टकराव भी शुरू हो गया है. कन्वर्ट हुए मुसलमान अपने लिए ज्यादा कब्रिस्तानों की मांग कर रहे हैं. जबकि जापान की 99 फीसदी बौद्ध आबादी दाह संस्कार करती आई है. उनका मानना है कि मुर्दों को जमीन में दफनाने से जमीन अशुद्ध हो जाएगी और वहां के लोग सहूलियत के साथ पानी नहीं पी पाएंगे.

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जापान में इस्लामीकरण को इस वजह से मिल रहा है बढ़ावा

Islamization is getting a boost in Japan because of this

बता दें कि जापान की आबादी करीब 12.6 करोड़ है. वहां के युवा शादी-विवाह के बजाय करियर पर ज्यादा फोकस करते हैं. इसके चलते जापान की आबादी लगातार घटती जा रही है. इससे भविष्य में जापान में काम करने वाले युवाओं की संख्या घटने का खतरा पैदा हो गया है. इस समस्या से निपटने के लिए जापानी सरकार विदेशी वर्कर्स और स्टूडेंट्स को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है. 

 

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लोगों का धर्मांतरण कराने में जमातियों का बड़ा रोल

The big role of the Jamaatis in converting the religion of the people

जापान (Japan) की स्थितियों का फायदा उठाकर जमातियों ने भी वहां पर घुसपैठ कर ली है. वे विदेशी स्टूडेंट्स और वर्कर्स बनकर वहां पहुंच रहे हैं और स्थानीय लोगों को कन्वर्ट करने में लगे हैं. इसके साथ ही दूसरे देशों से मुस्लिमों (Muslims) को जापान में बसाने का भी काम कर रहे हैं. बीप्पू मुस्लिम एसोसिएशन के प्रमुख अब्बास खान भी उन्हीं में से एक हैं. वे पाकिस्तान से एक स्टूडेंट के रूप में 2001 में जापान गए और अब वहीं बसकर इस्लाम को पूरे जापान में फैलाने के मिशन में लगे हैं. 

 

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मुसलमानों की संख्या बढ़ने से जापानियों में बेचैनी

Unrest among Japanese due to increase in number of Muslims

देश में मुस्लिमों (Muslims) की बढ़ती तादाद से जापानियों में बेचैनी बढ़ रही है. वे उनकी मस्जिदों और देश में हिजाब-बुर्का कल्चर बढ़ने का विरोध कर रहे हैं. जापानियों  (Japan) का कहना है कि विदेशियों को देश में बसने और काम करने की मंजूरी दी जानी चाहिए लेकिन बाहर से आने वाले लोगों को भी स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना चाहिए. वे मुस्लिमों को मदरसे और कब्रिस्तानों के लिए जमीन की मंजूरी दिए जाने का भी लगातार विरोध कर रहे हैं.