जिमी लाई ने किया आरोपों से इनकार, कहा- आंदोलन के लिए नहीं लिया एक भी पैसा

हांगकांग के मीडिया टाइकून जिमी लाई ने बीजिंग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने के आरोप से इनकार किया है.

जिमी लाई ने किया आरोपों से इनकार, कहा- आंदोलन के लिए नहीं लिया एक भी पैसा

हांगकांग: हांगकांग के मीडिया टाइकून जिमी लाई ने बीजिंग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने के आरोप से इनकार किया है. पुलिस कस्टडी से रिहा होने के तीन दिन बाद, लाई ने एक इंटरव्यू में कहा, ''मैंने कभी भी आंदोलन करने के लिए एक पैसा भी नहीं दिया है और न ही किसी ने हमें मोरल सपोर्ट के अलावा कोई राशि दी है. शहर के लोकतंत्र आंदोलन (Hong Kong's pro-democracy movement) के कट्टर समर्थक लाई सोमवार (10 अगस्त) को विदेशी ताकतों की मिलीभगत के संदेह में गिरफ्तार किए गए थे.इसके बाद बुधवार (12 अगस्त) की सुबह उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है. लाई की गिरफ्तारी को लेकर गुरुवार (13 अगस्त) को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन की आलोचना की थी. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हांगकांग में मीडिया के बेताज बादशाह जिमी लाई को विदेशी ताकतों के साथ साठगांठ के संदेह में गिरफ्तार किया जाना भयानक है. वहां के हालात ठीक नहीं है. वहां जो कुछ भी हो रहा है, वह मुझे जरा भी पसंद नहीं, मैं आहत हूं. ट्रंप ने इस दौरान यह भी बताया कि अमेरिका ने हांगकांग को दिए गए सभी आर्थिक प्रोत्साहन वापस ले लिए हैं, यह फैसला वाशिंगटन के लिए और अधिक धन जुटाने में मदद करेगा.

लाई के खिलाफ विदेशियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया था. एक विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के चलते लाई को इसी साल फरवरी और अप्रैल में भी गिरफ्तार किया गया था. हांगकांग में अब तक सात लोगों को नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के उल्लंघन के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 39 से 72 साल के बीच है. 

रिहा होने के बाद लाई ने कहा कि अब यह सरकार दमन पर उतर आई है, गिरफ्तारी उसका पहला कदम है, इसलिए सावधान रहकर आगे बढ़ने की जरूरत है. हांगकांग की आजादी के लिए हमें लंबी लड़ाई लड़नी है. लाई ने कहा, उन्हें दो बेटों के साथ फर्जी आरोपों में गिरफ्तार किया गया लेकिन वह घबराए नहीं. वह सोए नहीं बल्कि सोचते रहे कि किस तरह से आंदोलन को मजबूत किया जा सकता है. लाई हांगकांग में लोकतंत्र की स्थापना के पक्ष की मजबूत आवाज हैं. बीजिंग द्वारा लोकतंत्र समर्थक आंदोलन, भय से उबरे बीजिंग शहर की आजादी को खत्म कर रहा है, शहर में व्यापक समर्थन हासिल किया है।