Taiwan ने अमेरिका से अच्छे रिश्तों की आस में उठाया यह कदम, ‘घर' में ही विरोध शुरू

ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन (Tsai ing wen) अमेरिका से व्यापारिक रिश्ते मजबूत करना चाहती हैं. इसी उद्देश्य से उन्होंने अमेरिकी पोर्क के आयात पर लगा प्रतिबंध हटा दिया, जिसे लेकर देश में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. खाद्य सुरक्षा का हवाला देकर लोग सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

Taiwan ने अमेरिका से अच्छे रिश्तों की आस में उठाया यह कदम, ‘घर' में ही विरोध शुरू
फाइल फोटो

ताइपे: ताइवान (Taiwan) की अमेरिका (America) से रिश्ते सुधारने की कोशिशों का ‘घर’ में ही विरोध शुरू हो गया है. ताइवान सरकार ने अमेरिका से सूअर के मांस के आयात (U.S. pork imports) पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है, जिसके विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं. रविवार को हजारों की संख्या में लोगों ने राजधानी ताइपे की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया.

अगस्त में हटाया था
प्रदर्शनकारी खाद्य सुरक्षा का हवाला देते हुए आयात पर बैन बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन (Tsai ing wen) प्रशासन ने अगस्त में अमेरिकी पोर्क और गोमांस के आयात पर लगा प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया था. सरकार ने यह कदम अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने और दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाया है. 

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इसलिए हो रहा विरोध
विपक्षी कुओमिन्तांग पार्टी (Kuomintang party) के साथ-साथ आम जनता भी इस फैसले के विरोध में उतर आई है. दरअसल, ताइवान की नई नीति में रैक्टोपामाइन (ractopamine) के स्वीकार्य अवशेषों के साथ सूअर के मांस के आयात की अनुमति है. Ractopamine एक ड्रग है, जिसे पशु आहार में शामिल किया जाता है, ताकि कम फैट का मांस तैयार किया जा सके. यह दवा यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंधित है, लेकिन संयुक्त राज्य में इसके इस्तेमाल की अनुमति है. इसी को आधार बनाकर ताइवान में प्रदर्शन हो रहे हैं.

विरोध के तर्क
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन के सामने रैली निकाली और सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की. 54 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर केल्विन चेन ने कहा, ‘मैं आज यहां रैक्टोपामाइन के आयात का विरोध करने आया हूं. आजकल व्यवसाय में नैतिकता नहीं बची है. यदि ताइवान पोर्क के साथ अमेरिकी पोर्क मिलाकर हमें दिया जाता है, तो हमें कुछ पता भी नहीं चलेगा’. इसी तरह, 37 वर्षीय फैक्ट्री कर्मचारी जैकी त्सू ने कहा, ‘मेरे छोटे बच्चे हैं, रैक्टोपामाइन वाला मांस उनके लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए मैं यहां सरकार के फैसले का विरोध करने आया हूं’.

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